दीक्षांत से पूर्व छात्र एवं छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ में आगामी 19वें दीक्षांत समारोह के पूर्व छात्राओं के स्वास्थ्य और जागरूकता को प्राथमिकता देते हुए एक विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रावास में निवास कर रही छात्राओं के स्वास्थ्य की समग्र जांच कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और समाधान सुनिश्चित करना था।
यह स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘मां-बेटी सम्मेलन’ की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति का आकलन करना तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें उचित परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आज के बदलते परिवेश, अनियमित जीवनशैली, बढ़ते मानसिक तनाव, बदलती खानपान की आदतों तथा पर्यावरणीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान छात्राओं की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, पोषण स्तर तथा अन्य आवश्यक चिकित्सकीय पहलुओं का परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत प्रत्येक छात्रा की स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर जिन छात्राओं को विशेष चिकित्सकीय परामर्श या उपचार की आवश्यकता होगी, उनके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट ‘मां-बेटी सम्मेलन’ में शामिल होने वाली छात्राओं की माताओं के साथ साझा की जाएगी। इस दौरान माताओं को उनकी बेटियों के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुझाव, पोषण, जीवनशैली में सुधार तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया जाएगा, ताकि परिवार और विश्वविद्यालय मिलकर छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक प्रयास कर सकें।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छात्राएं ही भविष्य में समाज और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता, परामर्श एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन करता रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मां-बेटी सम्मेलन’ और इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं के समग्र विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा परिवार और विश्वविद्यालय के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।