सम्मान कोष योजना की बैठक को संचालित करते मेरठ जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना के अंतर्गत जिला संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत प्राप्त विभिन्न प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए पात्र मामलों पर निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान समिति ने कुल 23 प्रकरणों पर विचार-विमर्श किया। विस्तृत परीक्षण के बाद 4 प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 15 प्रकरणों को निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर अस्वीकृत कर दिया गया। इसके अतिरिक्त 4 प्रकरणों पर अंतिम निर्णय फिलहाल सुरक्षित रखा गया, क्योंकि इन मामलों में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों में एफएसएल रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त करने के लिए निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, निवाड़ी (गाजियाबाद) से तत्काल पत्राचार किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर भी समन्वय स्थापित कर रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता एवं न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी संबंधित विभाग समन्वय बनाकर मामलों का त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर), सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ, सहायक अभियोजन अधिकारी, नोडल मेडिकल ऑफिसर डॉ. सना, डॉ. रजत, जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी तथा महिला सम्मान प्रकोष्ठ पुलिस विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक विलंब के योजना का लाभ मिल सके।