रविकांत ( राष्ट्रीय अध्यक्ष,शोषित क्रांति दल )
मेरठ। वंश कुशवाहा की मौत के मामले में लंबे समय से हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे परिजनों और शोषित क्रांति दल को बड़ी सफलता मिली है। संगठन के अनुसार, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के हस्तक्षेप के बाद थाना जानी पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शोषित क्रांति दल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 15 वर्षीय वंश कुशवाहा की 28 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। संगठन का आरोप है कि वंश को उसके दोस्त हर्ष और सुमित घर से अपने साथ ले गए थे और बाद में भोले की झाल नहर में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। संगठन का दावा है कि घटना के बाद परिजन लगातार हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही थी।
धरने के बाद तेज हुआ आंदोलन
मामला शोषित क्रांति दल के संज्ञान में आने के बाद संगठन ने इसे प्रमुखता से उठाया। गत शुक्रवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ कमिश्नरी पार्क, मेरठ में लगभग पांच घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से की गई शिकायत
इसके बाद मंगलवार को शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में पीड़ित परिवार को लेकर दिल्ली पहुंचा, जहां उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष पूरे मामले को रखा और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
संगठन के अनुसार, आयोग की अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने तथा मेरठ के पुलिस अधिकारियों से आख्या तलब करने के निर्देश दिए।
‘आयोग की सख्ती के बाद दर्ज हुई एफआईआर’
शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत का कहना है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सख्त रुख के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना जानी में नामजद आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
उन्होंने कहा कि यह पीड़ित परिवार के संघर्ष और संगठन के आंदोलन की बड़ी जीत है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयोग के हस्तक्षेप से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
संगठन का बयान
शोषित क्रांति दल ने अपने बयान में कहा कि संगठन हमेशा समाज के शोषित, वंचित और पीड़ित लोगों के साथ खड़ा रहेगा। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को न्याय दिलाना है, जिनकी आवाज़ प्रशासन तक नहीं पहुंच पाती।
नोट: यह समाचार शोषित क्रांति दल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं उसके दावों पर आधारित है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक एवं विवेचना प्रक्रिया के अधीन है।