फाइल फोटो जनेश्वर उर्फ सोनू
मेरठ। जनपद मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के रछौती गांव निवासी भारतीय सेना के जवान नायक जनेश्वर उर्फ सोनू (पुत्र राजकुमार) का बुधवार को उपचार के दौरान निधन हो गया। वह हिमाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले करीब 15 दिनों से सैनिक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। जवान के निधन की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार के सदस्य अंतिम दर्शन के लिए शिमला रवाना हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नायक जनेश्वर भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट की 11वीं बटालियन में तैनात थे। लगभग पंद्रह दिन पहले वह शिमला क्षेत्र में अपनी सैनिक टुकड़ी के साथ नियमित गश्त पर निकले थे। इसी दौरान उनकी सैन्य गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना बेहद गंभीर थी, जिसमें नायक जनेश्वर को गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही सेना के बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया। जवान को खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार शुरुआती दिनों में उनकी हालत गंभीर थी, लेकिन बाद में स्वास्थ्य में लगातार सुधार बताया जा रहा था।
बुधवार को अचानक उपचार के दौरान उनके निधन की सूचना परिवार को मिली। इस खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं।
मृतक जवान के भाई प्रदीप ने बताया कि डॉक्टरों की ओर से लगातार स्वास्थ्य में सुधार होने की जानकारी मिल रही थी। ऐसे में अचानक हुई मौत ने परिवार को हैरान कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिमला पहुंचने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
नायक जनेश्वर के निधन की सूचना गांव रछौती पहुंचते ही शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसे गांव और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। लोग शोकाकुल परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। ग्रामीणों ने जवान के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों के अनुसार सेना की ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जवान का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाए जाने की संभावना है, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे क्षेत्र के लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहे हैं।