रोजगार को लेकर वेबीनार आयोजित
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मेरठ की संस्थानीय नवाचार परिषद (Institution’s Innovation Council) के तत्वावधान में शुक्रवार को “विद्यार्थी नवप्रवर्तकों से भावी उद्यमी तक: स्वरोजगार के अवसरों की खोज” विषय पर एक प्रेरणादायक वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना तथा उन्हें स्वरोजगार के नए अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी (मलिक) के संरक्षण एवं निर्देशन में किया गया। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने छात्राओं को नवीन विचारों को व्यवसाय में बदलने, स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रोजगार सृजित करने तथा आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के व्यावहारिक तरीके बताए।
नवाचार और आत्मनिर्भरता ही सफलता की कुंजी: प्राचार्या
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों में नवीन सोच, रचनात्मकता और उद्यमिता का विकास भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाना है और इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
नवीन विचारों को व्यवहार में उतारने की सीख
राष्ट्रीय नवाचार एवं नवप्रवर्तन योजना की समन्वयक प्रो. सोनिका चौधरी ने विषय की भूमिका प्रस्तुत करते हुए छात्राओं को अपने नवीन विचारों को व्यवहारिक रूप देने और उन्हें समाजोपयोगी कार्यों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि नवाचार केवल नई खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने की क्षमता भी नवाचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सोशल मीडिया से बढ़ सकते हैं स्वरोजगार के अवसर
मुख्य वक्ता श्री शैलेंद्र जायसवाल ने महाविद्यालय में मजबूत नवाचार वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रा के भीतर कोई न कोई अनूठा विचार अवश्य होता है, जरूरत केवल उसे पहचानने, विकसित करने और सही मंच तक पहुंचाने की होती है।
उन्होंने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी भी दी।
स्थानीय उद्योगों से जुड़कर बन सकते हैं नए उद्यम
विशिष्ट वक्ता श्री आदितेंद्र जायसवाल ने खिलौना उद्योग से जुड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का उल्लेख करते हुए छात्राओं को नए उत्पाद विकसित करने और नवाचार आधारित प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने सुझाव दिया कि महाविद्यालय में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले हुनर हाट के अंतर्गत नवीन विचार प्रतियोगिता आयोजित की जाए, जिसमें श्रेष्ठ नवाचारों का चयन कर उन्हें मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया जाए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि महाविद्यालय की पूर्व छात्राओं को भी इस मंच से जोड़ा जाए ताकि वर्तमान छात्राओं को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने मेरठ के प्रमुख उद्योगों और स्थानीय उत्पादों के आधार पर खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य पैकेजिंग, जैव उर्वरक निर्माण तथा अन्य नवाचार आधारित क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
छात्राओं ने पूछे व्यावहारिक सवाल
संगोष्ठी के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मदीहा राही, जो मोतियों से हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करती हैं, ने अपने उत्पादों का उचित मूल्य निर्धारण तथा उनकी बिक्री बढ़ाने के संबंध में प्रश्न पूछा।
वहीं, वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा उलजुरा ने जैव उर्वरकों के विपणन और प्रचार-प्रसार को लेकर अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।
दोनों विशेषज्ञों ने छात्राओं के प्रश्नों का व्यावहारिक और उपयोगी समाधान प्रस्तुत करते हुए उन्हें व्यवसायिक दृष्टिकोण विकसित करने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
नवाचार को बढ़ावा देने की रणनीति पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय में नवाचार एवं उद्यमिता को और अधिक बढ़ावा देने तथा हुनर हाट को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का संचालन संस्थानीय नवाचार परिषद की संयोजिका डॉ. उपासना देवी ने किया, जबकि अंत में परिषद की अध्यक्ष प्रो. दीक्षा यजुर्वेदी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और स्वरोजगार की भावना को नई दिशा प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर प्रो. अमिता शर्मा, प्रो. कुमकुम पारिक, डॉ. मधु मलिक, डॉ. शीतल पांडे, डॉ. पूनम लता सिंह, प्रो. अनुराधा सहित संस्थानीय नवाचार परिषद के सदस्य, विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को प्रतिभागियों ने अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।