ललिता गौतम हत्याकांड में पीड़ित परिजनों से मुलाकात के बाद सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता करते प्रभारी मंत्री असीम अरुण
मेरठ। बहुचर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मेरठ प्रभारी मंत्री असीम अरुण मेरठ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और मांगें सुनीं। इसके बाद अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा बैठक कर जांच की प्रगति पर चर्चा की। पत्रकारों से बातचीत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
पीड़ित परिवार से की मुलाकात, सुनीं शिकायतें
प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने सर्किट हाउस में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनकी हर शिकायत की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की प्रगति की समीक्षा की।
15 मई को मिला था ललिता गौतम का शव
गौरतलब है कि 15 मई 2026 को ललिता गौतम का शव बरामद हुआ था। पुलिस जांच में हत्या का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं दूसरे आरोपी, जो पहले फरार था और पुलिस सेवा में कार्यरत बताया गया है, को भी हाल ही में गिरफ्तार कर लिया गया है।

न्याय की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी
पीड़ित परिवार ने कुछ दिन पहले न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी। परिवार का कहना था कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वह व्यापक आंदोलन करेगा। इसके बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने का प्रयास
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कहा कि सरकार चाहती है कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले। उन्होंने कहा कि यदि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार संभव हुआ तो इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराए जाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मुकदमे का शीघ्र निस्तारण हो सके।
“सरकार और पुलिस सच के साथ”
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार और पुलिस किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं करना चाहती और न ही किसी दोषी को बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की हर शिकायत की पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर कोई कमी पाई जाती है तो उस पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य निष्पक्ष जांच कराना और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना है।
पहले भी हुआ था बड़ा विरोध प्रदर्शन
इस मामले को लेकर 9 जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आयोजित दलित महापंचायत के दौरान भी भारी हंगामा हुआ था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
अब जांच की अगली कार्रवाई पर नजर
प्रभारी मंत्री के दौरे और समीक्षा बैठक के बाद अब पीड़ित परिवार सहित आमजन की नजर पुलिस जांच की आगामी कार्रवाई पर है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है।