पुलिस गिरफ्त में राहुल गांधी
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर संसद से लेकर सड़क तक मंगलवार को जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संसद में चर्चा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
करीब तीन घंटे तक चले धरने के दौरान सरकार और कांग्रेस के बीच बातचीत के कई दौर हुए, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। दूसरी ओर संसद के दोनों सदनों में भी विपक्ष के भारी हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी और लोकसभा तथा राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
तीन घंटे चला धरना, दो बार हुई सरकार से बातचीत
मंगलवार दोपहर लगभग 3:30 बजे कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए। उनका मुख्य मुद्दा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा और सरकार की जवाबदेही तय करना था।
धरना शुरू होने के बाद सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी से लगभग 20 मिनट तक बातचीत की और प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया।

बताया गया कि बातचीत के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह गृह मंत्री अमित शाह से मिले और फिर दोबारा राहुल गांधी से चर्चा की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की
शाम करीब 6:30 बजे पुलिस ने धरना समाप्त कराने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राहुल गांधी के चारों ओर घेरा बनाकर पुलिस को उनके पास पहुंचने से रोकने का प्रयास किया। लगभग आधे घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती रही।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया। राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिसकर्मियों ने उठाकर बसों में बैठाया और हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई में प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए।
राहुल गांधी की क्या थीं मांगें?
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए दावा किया कि राहुल गांधी की प्रारंभिक मांग NEET-UG पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा कराने की थी और सरकार इस पर सहमत हो गई थी।
हालांकि उनके अनुसार बाद में राहुल गांधी ने एक और मांग जोड़ते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
सरकार का कहना है कि दूसरी मांग जुड़ने के बाद बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।

संसद में भी दिनभर हंगामा
उधर संसद का मानसून सत्र भी मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया।
सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने NEET-UG पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने सदन में प्लेकार्ड भी लहराए।
लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे, फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करते हुए बुधवार तक के लिए टाल दी गई।
खड़गे बोले- विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा
संसद परिसर के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में जनता के मुद्दे उठाना चाहता है, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
वहीं राहुल गांधी ने भी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर विपक्ष को चर्चा का अवसर देने की मांग रखी।
राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल और सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्यवाही स्थगित कर NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा कराने का नोटिस दिया।
विपक्ष का कहना है कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सरकार को संसद में विस्तृत जवाब देना चाहिए।
NDA संसदीय दल की बैठक में भी उठा मुद्दा
इसी बीच संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए संसदीय दल की बैठक भी आयोजित हुई।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजनीतिक टकराव तेज
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक गर्मी और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।