छावनी क्षेत्र स्थित केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान का निरीक्षण करते केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एस पी बघेल
मेरठ। भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने गुरुवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान (CIRG), मेरठ का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में चल रहे अनुसंधान, देशी गोवंश संरक्षण और उन्नत पशुपालन तकनीकों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित होने वाली तकनीकों का लाभ सीधे किसानों और पशुपालकों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पशुपालन को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाना है।
संस्थान की उपलब्धियों से मंत्री हुए अवगत
संस्थान पहुंचने पर निदेशक डॉ. अशोक कुमार मोहंती ने केंद्रीय राज्य मंत्री का स्वागत किया और उन्हें संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान देशी गोवंश संरक्षण, आनुवंशिक सुधार, उन्नत प्रजनन तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, पशु स्वास्थ्य तथा किसानों के लिए प्रशिक्षण एवं विस्तार कार्यक्रमों पर निरंतर कार्य कर रहा है।
डॉ. मोहंती ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर उसे किसानों के खेतों और पशुपालकों तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
सीमन फ्रीजिंग लैब और डेयरी फार्म का किया निरीक्षण
भ्रमण के दौरान प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने संस्थान की सीमन फ्रीजिंग प्रयोगशाला, नर जर्मप्लाज्म इकाई तथा प्रायोगिक डेयरी फार्म का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से उच्च गुणवत्ता वाले जर्मप्लाज्म संरक्षण, उन्नत प्रजनन तकनीकों और प्रजनन प्रबंधन से जुड़े अनुसंधानों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने वैज्ञानिकों से विभिन्न परियोजनाओं के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से देशी नस्लों की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण
दौरे के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का भी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
देशी गोवंश संरक्षण ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला
अपने संबोधन में प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि देशी गोवंश भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि देशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन से दूध उत्पादन, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे किसान-केंद्रित अनुसंधान को प्राथमिकता दें और विकसित तकनीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में कृषि और पशुपालन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा वैज्ञानिक संस्थानों का योगदान इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पूर्व सांसद और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल को संस्थान की ओर से स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मेरठ के पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीन्द्र पाल सिंह, संस्थान के वैज्ञानिक, तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री के इस दौरे को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई कि इससे देशी गोवंश संरक्षण, उन्नत पशुपालन तकनीकों और किसानों तक वैज्ञानिक अनुसंधान के विस्तार को और अधिक गति मिलेगी।