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मेरठ। बेसिक शिक्षा विभाग, जनपद मेरठ द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत गुरुवार को गढ़ रोड स्थित होटल हार्मनी इन में मेरठ एवं बागपत जनपद के शिक्षा अधिकारियों, शिक्षण विशेषज्ञों और शैक्षिक नेतृत्वकर्ताओं के लिए एक दिवसीय “निपुण संकल्प कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत बनाना, शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाना तथा प्रत्येक बच्चे को निर्धारित अधिगम स्तर तक पहुंचाने के लिए रणनीति तैयार करना रहा।
कार्यशाला में मेरठ और बागपत के स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी), एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी), डाइट मेंटर तथा खंड शिक्षा अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान नई शिक्षा पद्धतियों, शिक्षकों की भूमिका, सतत अनुश्रवण और विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में राज्य परियोजना से आए विशेषज्ञ अंकित कुमार, शुभम और फैजान ने प्रतिभागियों को दक्षता आधारित अधिगम (Competency Based Learning), आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN), सतत एवं समग्र मूल्यांकन, कक्षा-कक्ष में नवाचार, एनबीएमसी (NBMC) पोर्टल के उपयोग तथा निपुण लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने की रणनीतियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि नई शिक्षा व्यवस्था में केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का विकास करना सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसके लिए शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का अधिक से अधिक उपयोग करना होगा।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बताया विकास की आधारशिला
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और समाज के विकास का आधार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होती है। उन्होंने विद्यालयों में बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित करने, बच्चों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार लाने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों से समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित की जाए, जिससे कोई भी बच्चा आधारभूत पढ़ने, लिखने और गणना करने की क्षमता से वंचित न रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्ययोजना की भी समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
अनुश्रवण को प्रभावी बनाने पर सीडीओ नूपुर गोयल ने दिया जोर
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नूपुर गोयल ने कार्यशाला में उपस्थित सभी एआरपी से संवाद करते हुए कहा कि विद्यालयों के अनुश्रवण के दौरान केवल निरीक्षण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षकों को ऐसा सकारात्मक और रचनात्मक फीडबैक दिया जाना चाहिए जिससे उनके शिक्षण कार्य में वास्तविक सुधार दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि यदि अनुश्रवण प्रणाली प्रभावी होगी तो विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना अधिक आसान होगा और निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा।
बीएसए बागपत ने मिशन मोड में कार्य करने का किया आह्वान
बेसिक शिक्षा अधिकारी, बागपत श्रीमती गीता चौधरी ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण का लाभ प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाना सभी अधिकारियों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से मिशन मोड में कार्य करते हुए निपुण भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर में सुधार लाने का आह्वान किया।
अनुभव साझा कर तैयार की गई भविष्य की रणनीति
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने समूह चर्चा के माध्यम से विद्यालयों में आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान तथा नवीन शिक्षण पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा किए। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से यह भी तय किया गया कि किस प्रकार निपुण भारत मिशन को प्रत्येक विद्यालय तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।
प्रतिभागियों ने अपने-अपने विकास खंडों में शिक्षकों का नियमित मार्गदर्शन करने, विद्यालयों का प्रभावी अनुश्रवण करने तथा प्रत्येक छात्र को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
बीएसए आशा चौधरी ने दिलाई ‘निपुण प्रदेश’ बनाने की शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मेरठ श्रीमती आशा चौधरी ने सभी एसआरजी, एआरपी, डाइट मेंटर एवं खंड शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विकास खंडों में शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन करें और प्रत्येक छात्र को निपुण बनाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को “निपुण प्रदेश” बनाने की शपथ दिलाते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है जब प्रत्येक शिक्षक, अधिकारी और शिक्षा विभाग से जुड़े सभी लोग पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
कार्यशाला का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा “हर बच्चा निपुण – हमारा संकल्प” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यशाला निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों को नवीन शिक्षण तकनीकों, प्रभावी अनुश्रवण और दक्षता आधारित अधिगम की जानकारी मिली, जिससे आने वाले समय में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के अधिगम स्तर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य बिंदु
- होटल हार्मनी इन, मेरठ में आयोजित हुई एक दिवसीय निपुण संकल्प कार्यशाला।
- मेरठ एवं बागपत के एसआरजी, एआरपी, डाइट मेंटर और खंड शिक्षा अधिकारियों ने किया प्रतिभाग।
- निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) को मजबूत बनाने पर विशेष जोर।
- राज्य परियोजना के विशेषज्ञों ने नई शिक्षण तकनीकों, दक्षता आधारित अधिगम और एनबीएमसी पोर्टल पर दिया प्रशिक्षण।
- जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रभावी कार्ययोजना पर दिया मार्गदर्शन।
- मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने अनुश्रवण के दौरान सार्थक फीडबैक देने की आवश्यकता बताई।
- बीएसए गीता चौधरी ने मिशन मोड में कार्य करने का किया आह्वान।
- बीएसए आशा चौधरी ने सभी प्रतिभागियों को “हर बच्चा निपुण – हमारा संकल्प” एवं “निपुण प्रदेश” बनाने की शपथ दिलाई।
- कार्यशाला में समूह चर्चा, अनुभव साझा करने और नवाचार आधारित शिक्षण पर विशेष फोकस रहा।