शिक्षकों को पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य लाभ
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ रविवार को मेरठ के विकास भवन में किया गया। इस अवसर पर सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद एवं जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से योजना का शुभारंभ किया और जिले के अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए।
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आगरा में आयोजित प्रदेश स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम के समानांतर जिले में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने सबसे पहले आगरा से प्रसारित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग देखी, जिसके बाद जिला स्तर पर योजना का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ के तहत प्रदेश के अनुदानित एवं स्ववित्तपोषी महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों तथा उनके परिवार के सदस्यों को चिन्हित अस्पतालों में ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता (एमओयू) भी किया है।
सरकार का मानना है कि यह योजना शिक्षकों को आर्थिक चिंता से मुक्त करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विकास भवन में हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती नूपुर गोयल (आईएएस) एवं जिला नोडल अधिकारी (उच्च शिक्षा) प्रोफेसर डॉ. अंजू सिंह, प्राचार्य शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला महाविद्यालय, माधवपुरम, मेरठ के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सीडीओ नूपुर गोयल ने विधायक गुलाम मोहम्मद और जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह का शॉल एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद दोनों अतिथियों ने शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरित कर योजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों को मिले हेल्थ कार्ड
कार्यक्रम में मेरठ के कई महाविद्यालयों के शिक्षकों को हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए। इनमें प्रमुख रूप से कनोहर लाल महिला महाविद्यालय, डी.एन. कॉलेज मेरठ तथा रघुनाथ गर्ल्स पीजी कॉलेज, मेरठ के शिक्षक शामिल रहे।
हेल्थ कार्ड प्राप्त करने वालों में प्रो. किरण प्रदीप, प्रो. पूनम, डॉ. रेखा त्यागी, प्रो. ज्योत्सना, डॉ. अनु रस्तोगी, डॉ. जितेंद्र बौध, डॉ. पृथ्वीराज सिंह चौहान एवं डॉ. ऊषा रानी सिंह सहित अन्य शिक्षकों को जिलाधिकारी ने कार्ड प्रदान किए।
शिक्षकों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
इस योजना के माध्यम से गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में शिक्षकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी तथा गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।
आयोजन समिति का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष पाठक ने किया, जबकि रिपोर्ट लेखन का दायित्व डॉ. गौरी ने निभाया।
आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अजय कुमार, डॉ. सत्यपाल सिंह राणा, डॉ. कुमकुम, डॉ. मोनिका चौधरी, डॉ. राधा रानी, डॉ. शालिनी वर्मा और डॉ. मनीषा भूषण सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिक्षकों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य संरक्षण
प्रदेश सरकार की इस नई पहल से मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश के हजारों महाविद्यालयी शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कैशलेस उपचार की सुविधा मिलने से शिक्षकों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और वे निश्चिंत होकर अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। यह योजना शिक्षक कल्याण के क्षेत्र में सरकार की एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल मानी जा रही है।