कांवड़ यात्रा सुरक्षा के तह बनाए गए अस्थाई थानों पर तैनात पुलिसकर्मी
मेरठ। आगामी श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी के निर्देश पर मेरठ परिक्षेत्र के चार जिलों—मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़—में 4 अस्थायी थाने तथा 58 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। इनका उद्देश्य कांवड़ यात्रियों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
डीआईजी ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास प्रारंभ होने से चार दिन पहले ही अस्थायी पुलिस इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
चार जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था
- मेरठ परिक्षेत्र में जनपदवार निम्न व्यवस्था की गई है—
- मेरठ: 1 अस्थायी थाना और 9 अस्थायी पुलिस चौकियां
- बुलंदशहर: 1 अस्थायी थाना और 17 अस्थायी पुलिस चौकियां
- बागपत: 1 अस्थायी थाना और 11 अस्थायी पुलिस चौकियां
- हापुड़: 1 अस्थायी थाना और 21 अस्थायी पुलिस चौकियां
- इन सभी स्थानों पर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है।
मेरठ में कहां बनाए गए अस्थायी थाना और चौकियां
मेरठ जनपद में औघड़नाथ मंदिर (सदर बाजार थाना क्षेत्र) में अस्थायी थाना स्थापित किया गया है।
इसके अलावा रार्धना, करनावल, कल्याणपुर, हिंडन नदी, बटावली नहर पुल, कुड़ी झाल, झाल लोधी पुल, खड़ौली मस्जिद और नैन्सी चौराहा सहित 9 स्थानों पर अस्थायी कांवड़ चौकियां बनाई गई हैं।
श्रद्धालुओं को मिलेगी हर जरूरी सुविधा
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी अस्थायी थानों और चौकियों पर केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जनसहायता से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। इनमें—
- पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती
- संचार व्यवस्था
- फर्नीचर एवं बैठने की व्यवस्था
- पेयजल की सुविधा
- विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था
- प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड)
- जनसहायता केंद्र
- आपातकालीन सहायता व्यवस्था
- शामिल हैं।
इसके साथ ही सभी अस्थायी पुलिस इकाइयों का GPS कोऑर्डिनेट्स के साथ चिन्हांकन किया गया है, ताकि कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारी उनकी प्रभावी निगरानी कर सकें।
पुलिस को दिए गए विशेष निर्देश
डीआईजी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि—
प्रत्येक थाना और चौकी को श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाए।
क्यूआर कोड लगाए जाएं, जिन्हें स्कैन कर श्रद्धालु मार्ग और आसपास उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।
प्रत्येक चौकी पर सहायता केंद्र और फर्स्ट एड की व्यवस्था रहे।
किसी भी सूचना पर पुलिस तत्काल प्रतिक्रिया दे।
श्रद्धालुओं के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार किया जाए।
संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जाए।
एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा और वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध रहें।
बीमार या घायल शिवभक्तों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल पहुंचाया जाए।
श्रद्धालुओं को निकटतम शौचालय, पेयजल, भोजन केंद्र और विश्राम स्थलों की जानकारी भी दी जाए।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष फोकस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के मेरठ परिक्षेत्र से गुजरने की संभावना है। इसे देखते हुए भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी अस्थायी थानों और चौकियों को स्थानीय पुलिस थानों से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सके।
मेरठ परिक्षेत्र पुलिस का कहना है कि इस व्यापक व्यवस्था का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। पुलिस ने आम नागरिकों और कांवड़ यात्रियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।