अंकित विश्नोई
मेरठ। सोशल मीडिया संगठन एसएमए (सोशल मीडिया एसोसिएशन) के राष्ट्रीय महामंत्री अंकित विश्नोई ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों और सोशल मीडिया के माध्यम से चले जनसमर्थन अभियान का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिला।
अपने बयान में अंकित विश्नोई ने कहा कि पेपर लीक के विरोध में आयोजित आंदोलन में केवल दिल्ली के जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी ही शामिल नहीं थे, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के युवा प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस अभियान से जुड़े हुए थे। उनके अनुसार, इस जनदबाव ने सरकार पर प्रभाव डाला।
उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों और सरकार की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया।

अंकित विश्नोई ने अपने बयान में इसे सोशल मीडिया की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज जनमत निर्माण का एक प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। उनका कहना था कि जब बड़ी संख्या में लोग किसी सार्वजनिक मुद्दे पर अपनी आवाज एकजुट होकर उठाते हैं, तो उसका असर लोकतांत्रिक व्यवस्था में दिखाई देता है।
उपलब्धि पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी
एसएमए के राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि संगठन इस अभियान और सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर जल्द ही एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। उनके अनुसार, कार्यक्रम में यह चर्चा की जाएगी कि किस प्रकार डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं ने अपनी बात व्यापक स्तर तक पहुंचाई और अभियान को राष्ट्रीय पहचान मिली।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की तिथि और आयोजन स्थल की घोषणा संगठन के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद शीघ्र की जाएगी।
संगठन ने युवाओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
प्रेस बयान में एसएमए की ओर से कहा गया कि संगठन भविष्य में भी युवाओं से जुड़े मुद्दों, विशेषकर शिक्षा और पारदर्शिता जैसे विषयों पर सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाता रहेगा। संगठन ने युवाओं से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने तथा जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।