शिशु वाटिका में बच्चों को समझाया कावड़ का महत्व
मेरठ। सावन मास के पावन अवसर पर मनोहरी देवी आनंद प्रकाश शिशु वाटिका में शुक्रवार को बाल कांवड़ यात्रा का भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया, जहां नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राएं भगवान शिव के भक्तों के रूप में नारंगी वेशभूषा धारण कर आकर्षक ढंग से सजी कांवड़ लेकर “बम-बम भोले”, “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ पूरे उत्साह एवं श्रद्धा से यात्रा में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की उपस्थिति में हुआ। यात्रा के दौरान बच्चों ने अनुशासित ढंग से कांवड़ यात्रा निकाली और भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की। विद्यालय में विशेष रूप से स्थापित शिवालय में पहुंचकर नन्हे शिवभक्तों ने विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा उनके मंगलमय आशीर्वाद की कामना की।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना है। आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा भी बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों में धार्मिक आस्था, अनुशासन, सहयोग, सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय की ओर से बताया गया कि बाल कांवड़ यात्रा का आयोजन मातृ भारती बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिभावकों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विद्यालय की इस पहल की सराहना की और इसे भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। बच्चों के उत्साह, मनमोहक वेशभूषा और भोलेनाथ के जयघोष से पूरा परिसर शिवमय हो उठा। शिक्षकों ने बच्चों को सावन मास, भगवान शिव की महिमा तथा कांवड़ यात्रा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं संस्कारयुक्त जीवन की कामना की। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी जीवी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इसी प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
हर-हर महादेव… बोल बम!