सोशल मीडिया संगठन में महिलाओं की सहभागिता
मेरठ। सोशल मीडिया को आज के दौर में आमजन की सबसे प्रभावी आवाज बताते हुए सोशल मीडिया संगठन (एसएमए) ने मेरठ में अपनी महिला मंडलीय इकाई का गठन किया। कंकरखेड़ा स्थित डिफेंस एंक्लेव में शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय एकता-अखंडता की हस्ताक्षर श्रीमती सरबजीत घुम्मन के आवास पर आयोजित बैठक में संगठन के विस्तार, सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका और महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता पद्मश्री शीशराम नेकी ने की, जबकि संचालन सोशल मीडिया संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा ने किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की जानकारी पहुंचाने और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का सशक्त मंच बन चुका है। आज हर वर्ग का व्यक्ति सोशल मीडिया का उपयोग कर अपनी बात सरकार और समाज तक पहुंचा रहा है।
सोशल मीडिया की ताकत पर वक्ताओं ने रखे विचार
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया ने विश्व स्तर पर अपनी प्रभावशीलता सिद्ध की है। भारत में भी कई जनआंदोलनों और सामाजिक अभियानों में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने हाल ही में युवाओं द्वारा पेपर लीक के मुद्दे पर चलाए गए आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ना संभव हुआ और जनदबाव के कारण सरकार को भी निर्णय लेने पड़े।
वक्ताओं का कहना था कि आज देश के प्रधानमंत्री से लेकर दुनिया के कई प्रमुख नेता अपनी बात सीधे सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाते हैं, क्योंकि यह माध्यम घर-घर तक अपनी मजबूत पहुंच बना चुका है।
भारत का पहला और दुनिया का दूसरा सोशल मीडिया संगठन होने का दावा
बैठक में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री अंकित बिश्नोई ने बताया कि सोशल मीडिया संगठन (एसएमए) का गठन लगभग 16 वर्ष पूर्व हुआ था और यह संगठन विधिवत पंजीकृत है। उन्होंने दावा किया कि यह भारत का पहला तथा दुनिया का दूसरा सोशल मीडिया संगठन है।
उन्होंने बताया कि संगठन कई राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुका है तथा जल्द ही अन्य राज्यों में भी संगठन का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य सोशल मीडिया को समाज और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए सकारात्मक दिशा देना है।
महिला मंडलीय इकाई का गठन
बैठक के दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा ने राष्ट्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद संगठन की महिला मंडलीय इकाई के गठन की घोषणा की।
नई कार्यकारिणी में—
- श्रीमती सरबजीत घुम्मन को महिला मंडलीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
- श्रीमती मालिनी द्विवेदी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया।
- श्रीमती प्रिया रस्तोगी को जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे महिलाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक करने, संगठन को मजबूत बनाने और देश की एकता एवं सामाजिक समरसता के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी। उन्होंने शीघ्र ही महिला मंडलीय टीम के विस्तार की भी घोषणा की।
महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से देश की आधी आबादी को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को गति मिलेगी।
नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर श्रीमती नताशा वर्मा ने नवनियुक्त महिला पदाधिकारियों का साफा पहनाकर, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महिला नेतृत्व का स्वागत करते हुए संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ये रहे मौजूद
बैठक में वरिष्ठ राजनेता चौधरी यशपाल सिंह, कैप्टन रजनीश अहलावत, अमित चौधरी, प्रदीप जोशी, उदित रस्तोगी, दीप जैन, संजीव कुमार, रवि कुमार बिश्नोई, अंकित बिश्नोई, सरबजीत घुम्मन, मालिनी द्विवेदी, प्रिया रस्तोगी, नताशा वर्मा, पवन बंसल, सुरेंद्र कुमार शर्मा, कोमल सिंह, पद्मश्री शीशराम नेकी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
संगठन का उद्देश्य
बैठक के अंत में वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग समाज में जागरूकता फैलाने, जनसमस्याओं को उठाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्रहित के मुद्दों पर सकारात्मक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। संगठन ने निकट भविष्य में एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से सोशल मीडिया की सकारात्मक भूमिका को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।