मंच से संबोधित करते डॉ. सुधीर गिरि
मेरठ। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय, मेरठ में नवप्रवेशित यूजी एवं पीजी छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए पांच दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम “दीक्षारम्भ-2026” का भव्य शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, नई शिक्षा नीति (NEP-2020), कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना रहा।
विश्वविद्यालय के रवीन्द्रनाथ टैगोर भवन में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के शीर्ष पदाधिकारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य वक्ता कुमार राजेश, प्रतिकुलपति प्रो. मानस रंजन, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, आचार्य अश्विनी, आचार्य सिद्धार्थ, डीन एकेडमिक्स डॉ. राजेश सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
नई शिक्षा नीति से युवाओं के लिए अपार अवसर: सुधीर गिरि
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने कहा कि भारत की नई शिक्षा नीति विश्व स्तर पर सराही जा रही है। इसमें युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और कौशल विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि आज केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को समय की मांग के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट करना होगा।
उन्होंने बताया कि वेंक्टेश्वरा समूह पिछले एक दशक में नर्सिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, इंजीनियरिंग, लॉ, लिबरल आर्ट्स, एग्रीकल्चर और एप्लाइड साइंसेज सहित विभिन्न क्षेत्रों में हजारों कुशल प्रोफेशनल तैयार कर चुका है, जो आज देश और विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
श्री गिरि ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
भीड़ से अलग पहचान बनानी होगी: डॉ. राजीव त्यागी
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि नई शिक्षा नीति युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार खोलती है, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलेगी जो स्वयं को भीड़ से अलग साबित करेंगे।
उन्होंने कहा कि वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी ज्ञान और बेहतर प्लेसमेंट उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य प्रत्येक छात्र को सुरक्षित, सफल और सम्मानजनक करियर प्रदान करना है।
सकारात्मक सोच सफलता की पहली शर्त: प्रो. कृष्ण कान्त दवे
कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि “हम जो सोचते हैं, वही बनते हैं। इसलिए जीवन में हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।”
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समय प्रबंधन, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का प्रत्येक शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है।
सुनना केवल शब्द नहीं, भावनाओं को समझना है: आचार्य अश्विनी
आचार्य अश्विनी ने संवाद कौशल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सुनना केवल शब्दों को सुनना नहीं, बल्कि सामने वाले की भावनाओं को समझना है। यहीं से सच्चे संवाद की शुरुआत होती है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर संचार कौशल विकसित करने और सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
फैकल्टी एवं स्टूडेंट एक्सचेंज से मिलेगा वैश्विक अनुभव
प्रतिकुलपति प्रो. मानस रंजन ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में स्टूडेंट एवं फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों से जोड़ने का कार्य करेगा, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर की शिक्षा और अनुभव प्राप्त होगा।
दीक्षारम्भ सफलता की पहली सीढ़ी: प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय
कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय ने कहा कि “दीक्षारम्भ-2026” विद्यार्थियों के जीवन के नए, स्वर्णिम और सफल भविष्य की ओर पहला कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, परीक्षाओं, शोध गतिविधियों तथा विभिन्न छात्र कल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ नवागंतुकों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता का माहौल देखने को मिला। नवागंतुक विद्यार्थियों ने भी विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की।
बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, डीन एकेडमिक्स डॉ. राजेश सिंह, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. नीतू पंवार, डॉ. ओमप्रकाश गोसाई, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. पुष्पा मेदू, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, डॉ. योगेश्वर शर्मा, रीना जोशी, डॉ. अनिल जायसवाल, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग फैकल्टी की हरप्रीत कौर एवं अखिल कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्य बिंदु
- श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय दीक्षारम्भ-2026 ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारम्भ।
- नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर का प्रोफेशनल बनाने पर जोर।
- संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने स्किल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बताया समय की आवश्यकता।
- प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने विद्यार्थियों को भीड़ से अलग पहचान बनाने का संदेश दिया।
- कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे ने सकारात्मक सोच और अनुशासन को सफलता का मूल मंत्र बताया।
- विश्वविद्यालय में स्टूडेंट एवं फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से वैश्विक शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणा।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच नवप्रवेशित विद्यार्थियों का भव्य स्वागत किया गया।