अभिजीत कुमार एसपी देहात मेरठ
मेरठ/नई दिल्ली। मेरठ के चर्चित वंश कुशवाहा मौत मामले की सुनवाई मंगलवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC), नई दिल्ली में हुई। सुनवाई के दौरान मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और मंडलायुक्त (कमिश्नर) की ओर से क्रमशः एसपी देहात अभिजीत कुमार और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विजयवर्धन तोमर आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। अधिकारियों ने आयोग को मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने मामले की जांच और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की गंभीरता से जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो।
कांवड़ ड्यूटी के कारण नहीं पहुंच सके एसएसपी और कमिश्नर
शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के अनुसार, सुनवाई के दौरान एसपी देहात अभिजीत कुमार और एडीएम (ई) विजयवर्धन तोमर ने आयोग को बताया कि मेरठ में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं के कारण एसएसपी और कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके।

अधिकारियों ने आयोग को बताया कि वंश कुशवाहा मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की जा चुकी है तथा प्रकरण की विवेचना जारी है।
आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी जांच की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
रविकांत ने जांच में देरी का लगाया आरोप
सुनवाई के दौरान शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने आयोग के समक्ष कहा कि आयोग के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज हुए लगभग एक माह बीत जाने के बावजूद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की है।
उन्होंने आयोग से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
पीड़ित परिवार ने लगाए अभद्र व्यवहार के आरोप
सुनवाई के दौरान वंश कुशवाहा की मां नील प्रभा ने आयोग से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि थाना जानी प्रभारी और मामले के विवेचक इंस्पेक्टर विजय कुमार राय उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और उन्हें उचित सहयोग नहीं मिल रहा है।
आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी देहात को निर्देश दिए कि आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पहले भी आयोग से मिला था प्रतिनिधिमंडल
रविकांत ने बताया कि 30 जून 2026 को शोषित क्रांति दल का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के साथ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति से मिला था। उस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने वंश कुशवाहा मामले में एफआईआर दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।
क्या है मामला?
28 मई 2026 को मेरठ के भोले की झाल के पास स्थित रजवाहे में वंश कुशवाहा की कथित रूप से उसके दो दोस्तों द्वारा डुबोकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद परिजनों और शोषित क्रांति दल ने लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सुनवाई में ये लोग रहे मौजूद
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में हुई सुनवाई के दौरान वंश कुशवाहा की बहन कनिष्का कुशवाहा, शोषित क्रांति दल के मेरठ महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे ।