यात्रा के दौरान कांवड़ियों से वार्ता करते मेरठ जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ। सावन की पावन कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है और मेरठ जनपद में शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने रविवार को अधिकारियों के साथ रजवाहा कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने रार्धना से सरूरपुर तक कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करते हुए रास्ते में की गई व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने कांवड़ शिविरों में पहुंचकर शिविर संचालकों से बातचीत की और शिवभक्तों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान डीएम ने कांवड़ियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।
कांवड़ियों से बोले डीएम- “भोले, कोई परेशानी तो नहीं?”
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का कांवड़ियों से सीधे संवाद करने का अंदाज भी चर्चा का विषय रहा। मार्ग पर चलते शिवभक्तों के बीच पहुंचकर डीएम ने उनसे यात्रा के संबंध में जानकारी ली और पूछा कि उन्हें रास्ते में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
डीएम ने कांवड़ियों से पेयजल, विश्राम, स्वास्थ्य सुविधाओं, मार्ग की स्थिति और शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों की टीम को अपने बीच देखकर कांवड़ियों ने भी उत्साहपूर्वक अपनी बात रखी।

जिलाधिकारी ने शिवभक्तों की सेवा करते हुए उन्हें फ्रूटी, पानी की बोतल और प्रसाद भी वितरित किया। यात्रा की थकान के बीच प्रशासनिक अधिकारी की ओर से मिले इस आत्मीय व्यवहार से कांवड़ियों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दी।
स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर परखी चिकित्सा व्यवस्था
जिलाधिकारी ने रजवाहा कांवड़ मार्ग पर बनाए गए स्वास्थ्य शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों में उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता की जानकारी ली।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछा कि यात्रा के दौरान शिवभक्तों को किस प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और आकस्मिक स्थिति में तत्काल उपचार के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सुचारु रहनी चाहिए। किसी भी कांवड़ यात्री की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कांवड़ शिविरों में भी व्यवस्थाओं का लिया जायजा
डीएम ने कांवड़ मार्ग पर स्थापित विभिन्न शिविरों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने शिविर संचालकों से बातचीत करते हुए भोजन, पेयजल, विश्राम, साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधा के संबंध में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शिविर संचालकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए शिवभक्तों को आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने शिविर संचालकों से यह भी कहा कि बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने के दौरान व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाए और भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना दी जाए।
अंतिम चरण में बढ़ रही कांवड़ियों की संख्या
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में मेरठ के विभिन्न कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से इन सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों पर व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों पर तैनात अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहें और किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल उसका समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष रूप से पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश, स्वास्थ्य, यातायात और विश्राम स्थलों की व्यवस्थाओं को निरंतर दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि कांवड़ यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
प्रशासन और कांवड़ शिविर संचालकों में बेहतर समन्वय पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और कांवड़ शिविर संचालकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने शिविर संचालकों से प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने को कहा। उन्होंने शिवभक्तों की सेवा में लगे स्वयंसेवकों की भी सराहना की।
अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि मेरठ जनपद से होकर गुजरने वाले विभिन्न कांवड़ मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि हर शिवभक्त सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सके और उसे रास्ते में आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें, व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर कराएं।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और कांवड़ शिविर संचालक मौजूद रहे।
प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में भी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में पहुंच रहे शिवभक्तों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
हर-हर महादेव!