मेरठ के ऐतिहासिक बाबा औघड़ नाथ मंदिर में जल अर्पित करते कांवड़िये
मेरठ। सावन शिवरात्रि के पावन पर्व पर मंगलवार को मेरठ के ऐतिहासिक बाबा औघड़नाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त मंदिर पहुंचे। जलाभिषेक के दौरान लगातार हुई बारिश ने भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को प्रभावित नहीं किया। आसमान से बरसती बारिश की बूंदों के बीच कांवड़िए हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ बाबा औघड़नाथ के दरबार की ओर बढ़ते रहे।
हरिद्वार और अन्य गंगाघाटों से पवित्र गंगाजल लेकर मेरठ पहुंचे कांवड़ियों के लिए सावन शिवरात्रि का दिन बेहद खास रहा। कंधों पर सजी कांवड़, हाथों में गंगाजल और जुबां पर भगवान शिव का नाम लेकर शिवभक्त बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचे और विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
बारिश के बीच भी नहीं रुके कांवड़ियों के कदम
सावन शिवरात्रि के अवसर पर मेरठ में बारिश का दौर जारी रहा। कई स्थानों पर सड़क और रास्तों पर पानी जमा दिखाई दिया, लेकिन कांवड़ियों के कदम बाबा औघड़नाथ के दरबार की ओर लगातार बढ़ते रहे।
कई कांवड़िए बारिश में भीगते हुए मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए। कुछ श्रद्धालु बारिश से बचने के लिए रास्ते में कुछ देर रुके, जबकि अनेक शिवभक्त बारिश की बूंदों के बीच ही जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
लंबी दूरी तय करके मेरठ पहुंचे कांवड़ियों के चेहरों पर थकान के साथ बाबा के दर्शन और जलाभिषेक को लेकर उत्साह साफ नजर आया। बाबा औघड़नाथ को गंगाजल अर्पित करना कांवड़ यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बना।
हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
बारिश के बीच बाबा औघड़नाथ मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया। मंदिर की ओर बढ़ते कांवड़ियों के जत्थों के बीच लगातार हर-हर महादेव, बोल बम और जय भोलेनाथ के जयघोष सुनाई दिए।
कांवड़ियों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। बारिश की बूंदों, कांवड़ियों के कदमों और भोलेनाथ के जयकारों ने मेरठ में सावन शिवरात्रि के पर्व को विशेष बना दिया।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं में जलाभिषेक को लेकर खास उत्साह नजर आया। अपनी बारी आने पर श्रद्धालुओं ने बाबा औघड़नाथ को गंगाजल अर्पित किया और भगवान शिव से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
बारिश बनी आस्था की गवाह
सावन शिवरात्रि के दिन मेरठ में बारिश और शिवभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। एक ओर आसमान से लगातार बारिश होती रही, वहीं दूसरी ओर शिवभक्तों की आस्था और उत्साह लगातार नजर आया।
बारिश के बावजूद कांवड़ियों ने अपनी यात्रा पूरी की और बाबा औघड़नाथ के दरबार में पहुंचकर गंगाजल अर्पित किया। कई श्रद्धालु बारिश में भीगते हुए मंदिर पहुंचे। मौसम की परेशानी के मुकाबले भगवान शिव के जलाभिषेक को श्रद्धालुओं ने अधिक महत्व दिया।
कांवड़ियों के कंधों पर सजी रंग-बिरंगी कांवड़ें और हाथों में पवित्र गंगाजल आस्था का प्रतीक बने रहे। मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा नजर आया।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ जलाभिषेक
सावन शिवरात्रि को देखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने के कारण पुलिस और प्रशासन ने व्यवस्थाएं संभालीं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का जलाभिषेक लगातार जारी रहा। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की मौजूदगी रही।
लंबी यात्रा के बाद बाबा के दरबार में पहुंचकर खिले चेहरे
हरिद्वार समेत विभिन्न गंगाघाटों से गंगाजल लेकर मेरठ पहुंचे कांवड़ियों ने लंबी दूरी तय की। कई कांवड़िए पैदल यात्रा करते हुए मेरठ पहुंचे। सावन शिवरात्रि पर बाबा औघड़नाथ को गंगाजल अर्पित करने के बाद उनके चेहरों पर संतोष और खुशी साफ नजर आई।
कांवड़ियों के लिए यह यात्रा धार्मिक आस्था, संकल्प और श्रद्धा से जुड़ी रही। बारिश के बावजूद उन्होंने अपनी यात्रा पूरी की और बाबा औघड़नाथ के दरबार में पहुंचकर जलाभिषेक किया।
मेरठ हुआ शिवमय
सावन शिवरात्रि के मौके पर मेरठ की सड़कों पर एक तरफ बारिश की फुहारें बरसती रहीं, तो दूसरी तरफ कांवड़ियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति दिखाई दी, लेकिन इसका असर कांवड़ियों के उत्साह पर नहीं पड़ा। कंधों पर कांवड़ और हाथों में गंगाजल लेकर शिवभक्त बाबा औघड़नाथ के दरबार तक पहुंचे।
आस्था के आगे फीकी पड़ी बारिश
सावन शिवरात्रि के अवसर पर मेरठ में बारिश और शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। आसमान से बारिश बरसती रही, लेकिन शिवभक्तों की आस्था और भक्ति का उत्साह लगातार नजर आया।
कंधे पर कांवड़, हाथों में पवित्र गंगाजल और दिल में बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास लेकर कांवड़ियों ने बाबा औघड़नाथ का जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से मेरठ पूरी तरह शिवमय नजर आया।