बंदर के हमले से घायल महिला का उपचार कराते पूर्व मंत्री प्रभु दयाल बाल्मीकि
मेरठ/मवाना। तहसील मवाना में जमीन संबंधी कार्य से वापस घर लौट रही 70 वर्षीय महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। चार बंदरों ने महिला को घेरकर सिर, हाथ और कमर पर काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के दौरान वहां से गुजर रहे पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि और भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेशपाल सिंह ने महिला को बंदरों के हमले से बचाया और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवाना पहुंचाया।
तहसील से पैदल घर लौट रही थीं शारदा देवी
घटना 13 अगस्त 2026 की बताई गई है। जानकारी के अनुसार शारदा देवी, पत्नी विक्रम सिंह यादव, निवासी मीवा, तहसील मवाना, जनपद मेरठ, उम्र करीब 70 वर्ष, अपने पति के साथ जमीन संबंधी कार्य के लिए तहसील मवाना आई थीं।
तहसील में अपना काम पूरा करने के बाद शारदा देवी अपने पति के साथ पैदल घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में टंकी के सामने अचानक चार बंदरों ने उन पर हमला कर दिया।
चार बंदरों ने महिला को घेरा
बताया गया कि बंदरों ने शारदा देवी को घेर लिया और उनके सिर, हाथ तथा कमर पर काटकर घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से महिला घबरा गईं और मदद के लिए आसपास के लोगों की ओर देखने लगीं।
इसी दौरान तहसील से लौट रहे पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और शिक्षक नेता चौधरी नरेशपाल सिंह की नजर महिला पर पड़ी।
दोनों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बंदरों को वहां से भगाया और महिला को उनके हमले से सुरक्षित बाहर निकाला।
घायल महिला को सीएचसी मवाना में कराया भर्ती
हमले में घायल शारदा देवी को पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि और शिक्षक नेता चौधरी नरेशपाल सिंह उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मवाना लेकर पहुंचे।
महिला को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। वहां स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में उन्हें बंदर के काटने से संबंधित इंजेक्शन और टिटनेस का इंजेक्शन लगाए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद शारदा देवी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मवाना में बंदरों के आतंक का मुद्दा उठाया
घटना के बाद पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि और शिक्षक नेता चौधरी नरेशपाल सिंह ने मवाना कस्बे में बढ़ते बंदरों के आतंक पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि कस्बे में बंदरों की संख्या बढ़ने से आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार बंदरों द्वारा पुरुषों, महिलाओं और बच्चों पर हमला करने तथा उन्हें काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
उन्होंने प्रशासन और नगर पालिका मवाना से बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की।
नगर पालिका और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पूर्व मंत्री और शिक्षक नेता ने कहा कि बंदरों के आतंक से मवाना कस्बे के लोगों को लगातार खतरा बना हुआ है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका मवाना को बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़वाने को लेकर पहले भी आश्वासन दिए गए हैं और कस्बे के लोग समय-समय पर शासन तथा प्रशासन के माध्यम से इस समस्या के समाधान की मांग उठाते रहे हैं।
इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम और जिलाधिकारी से भी कार्रवाई की मांग
पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि और चौधरी नरेशपाल सिंह ने इस संबंध में नगर पालिका मवाना, उपजिलाधिकारी मवाना तथा जिलाधिकारी मेरठ से जनहित में आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बंदरों के हमले से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से खतरे में हैं। इसलिए कस्बे में बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी और स्थायी अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
जनहित की समस्या का समाधान जरूरी
मवाना में बंदरों का आतंक स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। 70 वर्षीय शारदा देवी पर हुए हमले ने एक बार फिर इस समस्या को सामने ला दिया है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि नगर पालिका और प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चलाकर आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहे बंदरों की समस्या का समाधान करें। साथ ही संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल शारदा देवी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं घटना के बाद मवाना में बंदरों के आतंक को लेकर प्रशासन और नगर पालिका से जल्द कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।