स्वतंत्रता दिवस पर वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्टेज कलाकार निखिल संघानी को सम्मानित करते वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के अधिकारी गण।
प्रभात फेरी, तिरंगा रैली, नृत्य-संगीत, काव्य संध्या समेत एक दर्जन से अधिक कार्यक्रमों ने बांधा समां; मुंबई के कलाकार निखिल संघानी ने देशभक्ति गीतों से जीता दिल
मेरठ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संस्थान परिसर में 101 फीट ऊंचे विशाल तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया। इसके साथ ही प्रभात फेरी, तिरंगा रैली, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य, संगीत और काव्य संध्या सहित एक दर्जन से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देर शाम तक चले इस भव्य आयोजन में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे परिसर में तिरंगे और देशभक्ति के नारों से राष्ट्रप्रेम का माहौल नजर आया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों और मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर हुआ शुभारंभ
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ‘ध्वजारोहण एवं सांस्कृतिक समारोह’ का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुंबई से आए प्रसिद्ध स्टेज आर्टिस्ट निखिल संघानी, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, डॉ. मधु चतुर्वेदी, प्रतिकुलपति डॉ. मानस रंजन, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. बी.एस. त्यागी और एचआर हेड कुलदीप सिंह सहित अन्य अतिथियों ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद 101 फीट ऊंचे विशाल तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के दौरान परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने राष्ट्रगान के साथ देश के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।
देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम से जुड़ी एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विविधता, संस्कृति और एकता को प्रदर्शित किया। मुंबई से आए मशहूर स्टेज आर्टिस्ट निखिल संघानी ने भी अपनी शानदार देशभक्ति रचनाओं की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद लोगों में जोश भर दिया और दर्शक तालियां बजाने के लिए मजबूर हो गए। प्रभात फेरी, तिरंगा रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम और काव्य संध्या समेत विभिन्न आयोजनों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार बना दिया।
‘केवल सीमा पर लड़ना ही देश सेवा नहीं’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने कहा कि देश की सीमा पर जाकर दुश्मनों से लड़ना कुछ लोगों के ही हिस्से में आता है, लेकिन केवल सीमा पर लड़ना ही देश सेवा नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक, युवा, बच्चे, बुजुर्ग और मातृशक्ति अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निष्ठा और ईमानदारी से काम करते हुए ‘भ्रष्टाचार मुक्त अखंड भारत’ के निर्माण में योगदान दें तो यह भी उत्कृष्ट देश सेवा है और अमर शहीदों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने लोगों से पॉलीथीन का प्रयोग नहीं करने, टैक्स चोरी से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं डालने तथा सार्वजनिक स्थानों पर पान, बीड़ी और तंबाकू आदि का सेवन कर गंदगी नहीं फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के साथ ‘स्वस्थ भारत-स्वच्छ भारत-समृद्ध भारत’ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
‘तिरंगे के सम्मान से बड़ा कोई सम्मान नहीं’
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि तिरंगे की आन-बान और शान तथा राष्ट्रवाद और देशप्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है और प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि वह तिरंगे का सम्मान करे। कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि सभी मिलकर भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि देश का विकास केवल सरकारों के प्रयास से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और सहभागिता से संभव है। कार्यक्रम को डॉ. मधु चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया और स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
खिलाड़ियों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों तथा मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्थान प्रबंधन ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की प्रतिभा देश की सबसे बड़ी शक्ति है।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. बी.एस. त्यागी, एचआर हेड कुलदीप सिंह, रंजीत सिंह मुलतानी, एपीओ कृष्ण गुजर, डॉ. रामकुमार, एस.एस. बघेल, संजीव राय, विवेक शर्मा, राजू, सचिन, राहुल, विनीत, प्रीतपाल सिंह, डॉ. पंकज चौधरी, डॉ. राहुल शर्मा, बालाजी मल्यप्पन एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शानदार संचालन डॉ. अनिकेत पंत एवं वैभव कुमार ने किया। देर शाम तक चले समारोह में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और देशभक्ति कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। समारोह का समापन राष्ट्रप्रेम, एकता और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।