प्रेस वार्ता करते भाजपा नेता देवेंद्र गुर्जर
मेरठ। किठौर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेता देवेंद्र गुर्जर ने गढ़ रोड स्थित सम्राट हेविन्स होटल में प्रेस वार्ता कर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं किठौर विधायक शाहिद मंजूर के कथित बयानों पर तीखा पलटवार किया। देवेंद्र गुर्जर ने शाहिद मंजूर पर राजनीतिक साजिश, कथित तौर पर कुछ भाजपा नेताओं से संपर्क और क्षेत्र के युवाओं को प्रभावित करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इन मामलों की जांच की मांग करते हुए कहा कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ-साथ केंद्र और प्रदेश सरकार के शीर्ष पदाधिकारियों को भी पत्र भेजेंगे। देवेंद्र गुर्जर ने कहा कि वह शाहिद मंजूर के साथ सार्वजनिक रूप से आमने-सामने बैठकर अपने आरोपों और उनके बयानों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन दोनों पक्षों को सामने बैठकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में किसकी क्या भूमिका रही है और कौन किसके साथ राजनीतिक रूप से खड़ा रहा है।
चुनावों को लेकर लगाए आरोप
देवेंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि अलग-अलग चुनावों के दौरान शाहिद मंजूर ने कथित तौर पर भाजपा के कुछ वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं से संपर्क साधने का प्रयास किया। उनका दावा है कि कुछ नेताओं को कथित रूप से यह भरोसा दिलाया गया कि यदि वे कुछ मामलों में मदद करेंगे तो चुनावों में उन्हें भी राजनीतिक फायदा पहुंचाया जाएगा। देवेंद्र गुर्जर ने दावा किया कि कुछ भाजपा नेता कथित रूप से ऐसी बातों से प्रभावित हुए और उन्होंने कुछ मामलों में मदद भी की, लेकिन इसका पार्टी को चुनावी लाभ नहीं मिला। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की आवश्यकता जताई। हालांकि, उन्होंने किसी भाजपा नेता का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया और कहा कि भाजपा में टिकट का फैसला किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता, बल्कि पार्टी संगठन सामूहिक रूप से निर्णय करता है।
शाहिद मंजूर पर सीधे आरोप
देवेंद्र गुर्जर ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप किठौर के वर्तमान विधायक शाहिद मंजूर को लेकर हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों से उन्हें पिछले कुछ समय से लगातार कई प्रकार की सूचनाएं और शिकायतें मिल रही हैं। उनके अनुसार, उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने के बाद क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने उनसे संपर्क किया और कई मामलों के बारे में जानकारी दी। देवेंद्र गुर्जर ने कहा कि इन सूचनाओं को वह अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनका मानना है कि संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इन कथित मामलों को लेकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने भाजपा के प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी पूरे मामले को रखने की बात कही।
गुर्जर समाज के सम्मान का मुद्दा उठाया
देवेंद्र गुर्जर ने गुर्जर समाज को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किठौर क्षेत्र में गुर्जर समाज के कई लोग लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज को किसी भी प्रकार की अपमानजनक भाषा स्वीकार नहीं होगी और यदि समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई टिप्पणी की जाती है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। देवेंद्र गुर्जर ने 1857 की क्रांति में धन सिंह कोतवाल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास देश और समाज के लिए संघर्ष से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हत्या और जमीन से जुड़े आरोपों की जांच की मांग
देवेंद्र गुर्जर ने शाहिद मंजूर पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें कथित हत्या और जमीन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा उन्हें इस प्रकार की शिकायतें और सूचनाएं दी गई हैं और वह इनकी जांच कराने के लिए अपनी पार्टी के स्तर पर मामला उठाएंगे। उन्होंने दावा किया कि किठौर विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग विभिन्न मामलों में जेल में हैं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में प्रेस वार्ता के दौरान कोई आधिकारिक दस्तावेज या विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए गए।
‘दिमागी नक्सली’ टिप्पणी पर सफाई
देवेंद्र गुर्जर ने अपने बयान में ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल भी किया। बाद में इस शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उनका आशय किसी व्यक्ति को कानूनी या आधिकारिक रूप से नक्सली बताने से नहीं है, बल्कि वह ऐसी कथित मानसिकता की बात कर रहे हैं जिसमें समाज में आपसी संघर्ष और युवाओं को गलत दिशा में ले जाने की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय आपराधिक गतिविधियों की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने राधना गांव और आसपास के क्षेत्र में कथित रूप से अवैध हथियार पकड़े जाने तथा अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। देवेंद्र गुर्जर ने कहा कि युवाओं का भविष्य शिक्षा और रोजगार से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से युवाओं को पढ़ाई करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।
किठौर के चुनावी इतिहास का भी किया उल्लेख
देवेंद्र गुर्जर ने किठौर विधानसभा के पिछले चुनावों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कई बार ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा गया जो क्षेत्र के स्थानीय निवासी नहीं थे। उन्होंने कुछ पूर्व उम्मीदवारों का नाम लेते हुए कहा कि उनके अनुसार इससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए। उन्होंने 2017 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्हें चुनौती दी गई थी। देवेंद्र गुर्जर ने दावा किया कि यदि किठौर में किसी भी जाति का स्थानीय व्यक्ति चुनाव मैदान में आता है तो राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किठौर विधानसभा में लगातार चुनावी जीत के पीछे स्थानीय राजनीतिक समीकरण और उम्मीदवारों की स्थिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पार्टी नेतृत्व के सामने उठाएंगे मामला
देवेंद्र गुर्जर ने कहा कि वह पूरे मामले को केवल व्यक्तिगत राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता से उन्हें जो सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, उन्हें वह भाजपा संगठन के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह लखनऊ और दिल्ली जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे तथा पूरे मामले की जानकारी देंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संबंधित आरोपों की जांच कराने की बात कही।
आमने-सामने बहस की चुनौती
देवेंद्र गुर्जर ने शाहिद मंजूर को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से आमने-सामने बैठकर चर्चा करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष एक मंच पर बैठकर अपनी-अपनी बात रखें तो जनता स्वयं तय कर सकती है कि किसके आरोपों में कितना तथ्य है। उन्होंने कहा कि वह अपने बयान और आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से जवाब देने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने शाहिद मंजूर से भी अपने बयानों और आरोपों को स्पष्ट करने की मांग की।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
देवेंद्र गुर्जर द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों में राजनीतिक साजिश, कथित राजनीतिक संपर्क, अवैध गतिविधियों और युवाओं को प्रभावित करने जैसे गंभीर दावे शामिल हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रेस वार्ता के दौरान सभी आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए गए। इस मामले में शाहिद मंजूर अथवा समाजवादी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। किठौर की राजनीति में दोनों पक्षों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों को और गरमा सकते हैं।