बाराबफात पर्व को लेकर समीक्षा बैठक करते डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र
मेरठ। बारावफात (ईद-मिलाद-उन-नवी) के अवसर पर कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। चंद्र दर्शन के अनुसार बारावफात का पर्व 26 अगस्त 2026 को मनाया जाना प्रस्तावित है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर जलसे, जुलूस और मजलिसों का आयोजन किया जाएगा। पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र के जनपदों में कुल 1795 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
1795 पुलिसकर्मियों की तैनाती
परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में 5 अपर पुलिस अधीक्षक, 24 क्षेत्राधिकारी, 67 निरीक्षक, 335 उपनिरीक्षक, 474 मुख्य आरक्षी, 535 आरक्षी तथा 355 होमगार्ड/पीआरडी जवान लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक कंपनी पीएसी की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस बल को आवश्यकता और संवेदनशीलता के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ में 36 जुलूस प्रस्तावित
बारावफात के अवसर पर मेरठ परिक्षेत्र में कुल 36 जुलूस और 11 मजलिस प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ जनपद में 5 जुलूस और 6 मजलिस, बुलंदशहर में 28 जुलूस और 3 मजलिस, जबकि हापुड़ जनपद में 3 जुलूस और 2 मजलिस आयोजित किए जाने की योजना है। पुलिस प्रशासन ने इन आयोजनों को देखते हुए संबंधित मार्गों और आयोजन स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
34 हॉटस्पॉट चिन्हित
सुरक्षा की दृष्टि से मेरठ परिक्षेत्र में कुल 34 संवेदनशील हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें मेरठ में 10, बुलंदशहर में 22 और हापुड़ में 2 हॉटस्पॉट शामिल हैं। इन स्थानों पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल, पुलिस पिकेट और आवश्यकतानुसार स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।
धर्मगुरुओं और आयोजकों के साथ बैठकें
पुलिस प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर संवाद और समन्वय को प्राथमिकता दी है। परिक्षेत्र के जनपदों में पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ 113 गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी हैं। इसके अलावा नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य विभागों के साथ भी 113 बैठकें की गई हैं। आयोजकों और संचालकों के साथ 83 गोष्ठियां आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डीआईजी ने जनपद प्रभारियों को दिए दिशा-निर्देश
डीआईजी रेंज मेरठ श्री कलानिधि नैथानी ने बारावफात के मद्देनजर परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आयोजनकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर जुलूस एवं अन्य कार्यक्रमों के समय और स्थान को व्यवस्थित करने तथा पर्याप्त पुलिस प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डीआईजी ने कहा है कि पूर्व वर्षों अथवा वर्तमान में जिन स्थानों पर किसी प्रकार का विवाद या संवेदनशीलता सामने आई हो, वहां पुलिस एवं राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारी स्थिति का अध्ययन कर आवश्यक कार्रवाई करें। विवादों को समय रहते सुलझाने और संवेदनशीलता को समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
नई परंपरा की अनुमति नहीं देने के निर्देश
पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक थाने पर उपलब्ध त्योहार रजिस्टर और रजिस्टर नंबर-8 में दर्ज प्रविष्टियों का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की नई परंपरा की अनुमति नहीं देने तथा असामाजिक एवं साम्प्रदायिक तत्वों को चिन्हित कर आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
जुलूस मार्गों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण
कानून-व्यवस्था की दृष्टि से मजलिस स्थलों, जुलूस मार्गों और सभी संवेदनशील स्थानों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूसों की ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए रास्ते में आने वाले बिजली के तारों और अन्य संभावित अवरोधों का पहले से आकलन कर उन्हें दूर कराने को कहा गया है।
पुलिस को जुलूस मार्गों तथा आसपास की छतों का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां ऐसी कोई वस्तु न हो जिसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सके। आवश्यकतानुसार पत्थर, ईंट, खाली बोतल अथवा अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं को हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।
चौकी स्तर पर भी पीस कमेटी की बैठक
आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए चौकी स्तर पर भी पीस कमेटी की बैठकें आयोजित करने और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कंटीजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया है, ताकि किसी भी गैर-परंपरागत गतिविधि को रोका जा सके।
पुलिसकर्मियों को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस रखने के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए क्लस्टर व्यवस्था लागू करने तथा थाना एवं चौकी स्तर पर तैनात पुलिस बल को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील हॉटस्पॉट पर आवश्यकता के अनुसार स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस पिकेट तैनात की जाएगी।
सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
बारावफात के दौरान महत्वपूर्ण गतिविधियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों से कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मिश्रित आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों को हाल के दिनों में हिंदू-मुस्लिम, शिया-सुन्नी तथा जातिगत संवेदनशीलता से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा कर उसके अनुरूप सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आतिशबाजी को लेकर विशेष सतर्कता
बारावफात के अवसर पर आतिशबाजी के कारण आग लगने और जनहानि की आशंका को देखते हुए पुलिस एवं संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या अफवाह सामने आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई तथा उसका खंडन सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी जनपदों के सोशल मीडिया सेल को सतर्क करते हुए आवश्यक ब्रीफिंग करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन की व्यापक तैयारी
मेरठ परिक्षेत्र पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा तैयारियों से स्पष्ट है कि बारावफात के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर से लेकर सोशल मीडिया निगरानी तक बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने, छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लेने और किसी भी संभावित विवाद को समय रहते नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य बारावफात के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सकुशल संपन्न कराना है।