रविदास जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु
मेरठ। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मेरठ के शताब्दी नगर क्षेत्र में कलश यात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ निकाली गई इस यात्रा में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। यात्रा के दौरान संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के समरसता, समानता, सेवा और सामाजिक एकता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
अमरीश कोरी के आवास से शुरू हुई यात्रा
कलश यात्रा शताब्दी नगर स्थित अमरीश कोरी, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष के आवास से प्रारंभ हुई। यात्रा में श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल हुए और निर्धारित मार्ग से होते हुए शताब्दी नगर स्थित माधव कुंज स्कूल के प्रांगण में बने सिद्धबली हनुमान मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद यात्रा का विधिवत समापन किया गया।
बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने लिया हिस्सा
यात्रा में क्षेत्र के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान संत रविदास महाराज के जीवन, उनके सामाजिक विचारों और समानता एवं भाईचारे के संदेश को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की रही सहभागिता
कलश यात्रा में अमरीश कोरी (निवर्तमान मंडल अध्यक्ष), वर्तमान मंडल अध्यक्ष आदित्य शर्मा (चीनू), मनोनीत पार्षद सुनील वर्मा, पार्षद प्रत्याशी योगेंद्र शर्मा, मंडल मंत्री सुनील शर्मा और मंडल उपाध्यक्ष यतेंद्र गुर्जर सहित अन्य लोग शामिल रहे। इसके अलावा कॉलोनी की बड़ी संख्या में महिला शक्ति ने भी उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की।
सामाजिक समरसता और भाईचारे का संकल्प
यात्रा के समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और समानता को मजबूत करने का संकल्प लिया। लोगों ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा उनके विचारों को समाज में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश
आयोजकों ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने समाज को समानता, सेवा, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक एकता और समरसता के लिए प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में आपसी सहयोग, सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत किया जा सकता है।
‘समरस और सशक्त समाज के लिए संत रविदास के आदर्श जरूरी’
आयोजन के दौरान यह संदेश दिया गया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के आदर्शों पर चलकर ही समरस, समानतापूर्ण और सशक्त समाज की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। कलश यात्रा के माध्यम से लोगों ने सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।