रविकांत (अध्यक्ष शोषित क्रांति दल)
मेरठ, 21 अगस्त 2026। शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने मेरठ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस द्वारा कथित तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने 19 अगस्त 2026 को एसएसपी कार्यालय में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है। रविकांत का दावा है कि दोनों किसान नेता अपनी फरियाद लेकर एसएसपी मेरठ से मिलने पहुंचे थे, जहां उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।
एसएसपी कार्यालय में कथित मारपीट का आरोप
रविकांत की ओर से आयोग को भेजी गई शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे डॉ. दिग्विजय भाटी निवासी हसनपुर, अमरोहा और मोहित जाटव निवासी किना नगर, भावनपुर अपनी शिकायत लेकर एसएसपी मेरठ से मिलने पहुंचे थे। शिकायत में दोनों के हवाले से आरोप लगाया गया है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से घसीटकर एसएसपी के निजी कक्ष में ले जाया गया और वहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दिग्विजय भाटी के साथ मारपीट के दौरान उनकी आंख में चोट आई। इसके बाद दोनों को कथित तौर पर मुंह ढककर मेरठ पुलिस लाइन स्थित एक कार्यालय ले जाया गया, जहां रविकांत ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर भी अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए हैं।
पुराने घटनाक्रम का भी शिकायत में उल्लेख
रविकांत ने अपनी शिकायत में 8 जुलाई को हुई एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि उस दौरान निहत्थे दलित लोगों के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से मारपीट और लाठीचार्ज किया गया था तथा बंदी वाहन में मौजूद एक व्यक्ति के साथ भी कथित तौर पर गंभीर मारपीट की गई थी।
रविकांत ने कहा कि पुलिस विभाग से थर्ड डिग्री और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन उनके अनुसार मेरठ में सामने आया यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विशेष जांच दल गठित करने की मांग
शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने की मांग की है। उन्होंने शिकायत में डीजी इन्वेस्टिगेशन की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग रखी है।
रविकांत ने यह भी मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए और घटना से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
अन्य आयोगों को भी भेजी शिकायत की प्रति
रविकांत के अनुसार, इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ-साथ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी शिकायत की प्रति भेजी गई है। उन्होंने संबंधित संस्थाओं से मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।