प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मेरठ/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत रैपिड रेल सिस्टम को सकारात्मक सुशासन का एक “बहुत अच्छा उदाहरण” बताया है। प्रधानमंत्री ने परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किए जाने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास परियोजना की सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना यह है कि उसे समय पर पूरा किया जाए और उससे मिलने वाली सेवा भी लोगों की अपेक्षाओं पर खरी उतरे।
160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को बताया बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मार्ग पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एक समय देश में इतनी तेज गति से सार्वजनिक परिवहन सेवा की कल्पना करना भी कठिन माना जाता था, लेकिन आज यह व्यवस्था वास्तविकता बन चुकी है।
उन्होंने परियोजनाओं में समयबद्धता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जो परियोजना शुरू की जाए, उसे समय पर पूरा किया जाना चाहिए और उससे लोगों को मिलने वाली सेवा भी समय की कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए।
भीड़, गर्मी, मानसून और त्योहारों में भी जारी रही सेवा
दिल्ली–मेरठ नमो भारत सेवाओं ने व्यस्ततम समय के अलावा भीषण गर्मी, मानसून, कांवड़ यात्रा और दिवाली जैसे महत्वपूर्ण अवसरों के दौरान भी लगातार परिचालन जारी रखते हुए यात्रियों को तेज एवं सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराया है। नियमित और समयबद्ध सेवा के चलते कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
2023 में शुरू हुआ था नमो भारत कॉरिडोर का परिचालन
दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर परिचालन की शुरुआत 21 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच लगभग 17 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी सेक्शन के उद्घाटन के साथ हुई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से कॉरिडोर पर नमो भारत सेवाओं का विस्तार किया गया।
इसके बाद 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ मेट्रो के साथ पूरे दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। पूर्ण कॉरिडोर के संचालन के बाद यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
प्रतिदिन करीब एक लाख यात्री कर रहे सफर
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 4 करोड़ से अधिक यात्री नमो भारत में सफर कर चुके हैं। वर्तमान में औसतन करीब एक लाख यात्री प्रतिदिन नमो भारत सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। यात्री संख्या में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का संकेत है कि लोग तेज, भरोसेमंद और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन के रूप में नमो भारत को तेजी से अपना रहे हैं।
नमो भारत कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हुआ है। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ मिल रहा है।
3 अगस्त को दर्ज हुई अब तक की सर्वाधिक दैनिक यात्री संख्या
दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर 3 अगस्त 2026 को अब तक की सबसे अधिक दैनिक यात्री संख्या दर्ज की गई। इस दिन 1.50 लाख से अधिक यात्रियों ने नमो भारत सेवाओं का उपयोग किया। इससे पहले 8 जून 2026 को करीब 1,25,500 यात्रियों के साथ सर्वाधिक दैनिक यात्री संख्या दर्ज की गई थी।
दैनिक यात्री संख्या में लगातार हो रही वृद्धि को कॉरिडोर की बढ़ती लोकप्रियता और यात्रियों के बीच इसके प्रति बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
सराय काले खां से बेगमपुल तक प्रमुख स्टेशन बने यात्रियों की पसंद
कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों में दिल्ली के सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार, जबकि उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद और बेगमपुल प्रमुख रूप से व्यस्त स्टेशन बने हुए हैं। इन स्टेशनों की खासियत यह है कि यहां यात्रियों को मेट्रो, भारतीय रेलवे, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं सहित विभिन्न सार्वजनिक परिवहन माध्यमों से कनेक्टिविटी मिलती है।
इन प्रमुख स्टेशनों पर उपलब्ध इंटरमॉडल कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए एक परिवहन माध्यम से दूसरे माध्यम तक पहुंच को आसान बनाती है। बताया गया है कि ये स्टेशन संयुक्त रूप से पूरे कॉरिडोर की कुल यात्री संख्या में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहे हैं।
तेज और भरोसेमंद परिवहन की ओर बढ़ता कदम
दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आधुनिक, तेज और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा इसे सुशासन और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन का उदाहरण बताए जाने से इस कॉरिडोर की उपलब्धियों को एक नई पहचान मिली है।
यात्री संख्या में लगातार वृद्धि, 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की परिचालन गति और विभिन्न परिवहन माध्यमों के साथ कनेक्टिविटी इस परियोजना को दिल्ली–एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन के बदलते स्वरूप की महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में प्रस्तुत करती है।