आचार्य श्री सौरभ सागर जी
मेरठ, 26 अगस्त 2026। परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज का वर्षायोग श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। वर्षायोग के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को संस्कार, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को आचार्य श्री का मंगल विहार दिल्ली रोड स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर, मानसरोवर गार्डन से श्री दिगंबर जैन मंदिर, सरस्वती लोक के लिए हुआ।
मंगल विहार में श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
बुधवार प्रातः लगभग 6 बजे आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज का मंगल विहार हुआ। सरस्वती लोक स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान आचार्य श्री के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
प्रातःकालीन एवं सायंकालीन गुरु भक्ति के अवसर पर सैकड़ों भक्तों ने गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित की और भक्ति भाव से गुरु वंदना की। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के प्रवचनों का श्रवण कर आध्यात्मिक संदेश ग्रहण किया।
भक्ति और श्रद्धा को जीवन का आधार बनाने का संदेश
आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति के प्रति गंभीर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ लोग अपने नगर के मंदिरों में नियमित रूप से दर्शन करने नहीं जाते, लेकिन दूर स्थित धार्मिक क्षेत्रों और मंदिरों में दर्शन के लिए चले जाते हैं। उन्होंने इस प्रवृत्ति पर विचार करने की आवश्यकता बताई।
आचार्य श्री ने कहा कि आज का मनुष्य धर्म के साथ-साथ सांसारिक सुख और वैभव की भी इच्छा रखता है। गृहस्थ जीवन में सांसारिक आवश्यकताओं के महत्व को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी भक्ति और श्रद्धा को मजबूत करना चाहिए। यदि व्यक्ति के भीतर भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा, भक्ति और समर्पण है तो उसे अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं है।
जिनेन्द्र भगवान के प्रति समर्पण से गहरी होती है भक्ति
आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को जिनेन्द्र भगवान के प्रति विश्वास और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की इच्छा चाहे सुख और वैभव से संबंधित हो अथवा कल्याण और आध्यात्मिक मार्ग से, उसे अपनी भक्ति को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे व्यक्ति की भक्ति गहरी होती जाती है, उसके जीवन में धर्म और आध्यात्मिकता का प्रभाव भी बढ़ता जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को बाहरी आकर्षणों के बजाय अपनी आंतरिक श्रद्धा और धार्मिक चेतना को मजबूत करने की प्रेरणा दी।
धार्मिक कार्यक्रमों को मनोरंजन की दृष्टि से देखने से बचने का आह्वान
आचार्य श्री ने धर्म से जुड़े कार्यक्रमों और कथाओं के प्रति बदलती धारणा पर भी विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज टेलीविजन सहित विभिन्न माध्यमों पर धार्मिक कथाएं और प्रेरणाएं दिखाई जाती हैं, लेकिन मनुष्य का ध्यान लगातार बदलता रहता है। कुछ लोग धार्मिक कार्यक्रमों को भी मनोरंजन या नाटक की तरह देखने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि धर्म के संदेश को केवल देखने-सुनने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि आज भी ऐसे अनेक लोग हैं, जिन्हें यदि उचित मार्गदर्शन और धर्म का सही संदेश मिल जाए तो उनकी भक्ति और श्रद्धा स्थिर रह सकती है।
28 अगस्त को मनाया जाएगा श्रेयांसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव
मेरठ जैन समाज के अध्यक्ष एवं श्री पुष्प वर्षा योग समिति के चेयरमैन सुरेश जैन रितुराज ने बताया कि आगामी शुक्रवार, 28 अगस्त 2026, रक्षाबंधन पर्व के दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में जैन धर्मशाला, रेलवे रोड, मेरठ में श्री 1008 श्रेयांसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:30 बजे श्री सम्मेद शिखर जी विधान से होगा। इसके पश्चात श्री सम्मेद शिखर जी के पर्वत की 24 कूटों पर निर्वाण लाडू समर्पित किए जाएंगे। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्यार्जन करने का आह्वान किया गया है।
वर्षायोग के दौरान लगातार हो रहे धार्मिक आयोजन
आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज के वर्षायोग के दौरान मेरठ में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल होकर गुरु दर्शन, प्रवचन और भक्ति का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
वर्षायोग के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, सदाचार, भक्ति और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जा रही है।
समिति के पदाधिकारी एवं श्रेष्ठीगण रहे उपस्थित
बुधवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्री पुष्प वर्षा योग समिति के संजय जैन, स्वदेश जैन, नितिन जैन, सचिन जैन, रितेश जैन, हंस कुमार जैन, प्रमोद जैन, राकेश जैन, राजीव जैन, विनोद सहित अन्य श्रेष्ठीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समिति के मीडिया एवं प्रचार चेयरमैन रितेश जैन ने बताया कि वर्षायोग के सभी धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जा रहे हैं तथा आगामी निर्वाण महोत्सव को लेकर भी समाज के लोगों में विशेष उत्साह है।