पूर्व विभागाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का कार्यक्रम में किया गया आत्मीय सम्मान
मेरठ, 27 अगस्त 2026। मेरठ कॉलेज, मेरठ के विधि विभाग में गुरुवार को ‘स्मृति गौरव एवं पुनर्मिलन समारोह’ तथा ‘Meet the Alumni’ कार्यक्रम का भावपूर्ण एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को समर्पित पूर्व विधि विभागाध्यक्षों की चित्र-दीर्घा (HOD’s Pictorial Wall) का अनावरण किया गया। इस अवसर पर विभाग के पूर्व विभागाध्यक्षों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का आत्मीय स्वागत और सम्मान किया गया।
वर्षों बाद एक मंच पर जुटे वरिष्ठ शिक्षाविद
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि विधि विभाग को वर्षों तक अपने ज्ञान, अनुभव, मार्गदर्शन और नेतृत्व से समृद्ध करने वाले वरिष्ठ शिक्षाविद लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मेरठ कॉलेज के परिसर में एक मंच पर एकत्र हुए। पूर्व विभागाध्यक्षों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने अध्यापन काल से जुड़े संस्मरण साझा किए और पुराने साथियों से मिलकर पुरानी यादों को ताजा किया।
वरिष्ठ शिक्षाविदों ने कहा कि इस प्रकार के पुनर्मिलन कार्यक्रम केवल भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए किसी संस्थान की शैक्षणिक परंपरा, अनुभव और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी मिलता है। पुराने एवं वर्तमान शिक्षकों के बीच संवाद से विद्यार्थियों और शिक्षकों को विभाग के गौरवशाली इतिहास को समझने की प्रेरणा मिलती है।
गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी : प्रो. ओ.पी. गर्ग
कार्यक्रम में वरिष्ठतम पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ओ.पी. गर्ग ने कहा कि मेरठ कॉलेज का विधि विभाग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समृद्ध एवं प्रतिष्ठित विधि विभागों में रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रो. गर्ग ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को संविधान के आदर्शों एवं मौलिक अधिकारों की जानकारी होने के साथ-साथ अपने मौलिक कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधि समाज में मौजूद विभिन्न और कई बार परस्पर विरोधी हितों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का कार्य करती है। राष्ट्र के विकास के साथ विधि का भी निरंतर विकास होता रहता है, इसलिए विधि शिक्षा को समय की आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर समृद्ध किया जाना चाहिए।
पूर्व प्राचार्या प्रो. अंजलि मित्तल ने पहल को बताया अभिनव
मेरठ कॉलेज की पूर्व प्राचार्या प्रो. अंजलि मित्तल ने कार्यक्रम को एक अभिनव एवं सार्थक पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पुराने और वर्तमान शिक्षकों के बीच संवाद एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ शिक्षकों के लंबे अकादमिक अनुभव से वर्तमान पीढ़ी को सीखने का अवसर मिलता है। अनुभवों का यह आदान-प्रदान शिक्षण कला, अकादमिक गुणवत्ता और संस्थागत कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने की प्रेरणा दे सकता है।
पूर्व विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ शिक्षकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्या प्रो. अंजलि मित्तल, पूर्व विभागाध्यक्ष एवं विश्वविख्यात कवि डॉ. हरिओम पंवार, वरिष्ठतम पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ओ.पी. गर्ग, डॉ. चित्रा सिंह, डॉ. चन्द्रशेखर, डॉ. एन.पी. सिंह एवं डॉ. के.के. मित्तल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पूर्व सेवानिवृत्त विधि शिक्षकों डॉ. ए.पी. अग्रवाल एवं डॉ. गोपीचंद ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं एन.ए.एस. कॉलेज के विधि विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन डॉ. सत्यप्रकाश गर्ग की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
पूर्व शिक्षकों का स्वागत एवं अभिनंदन
मेरठ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. युधवीर सिंह एवं विधि विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) प्रवीण दुबलिश ने सभी पूर्व विभागाध्यक्षों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
प्रो. दुबलिश ने कहा कि पूर्व शिक्षक और विभागाध्यक्ष केवल विभाग के इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे विभाग की स्मृतियों और हृदय में सदैव अंकित रहेंगे। उन्होंने कहा कि इतने वरिष्ठ शिक्षाविदों को वर्षों बाद एक छत के नीचे एकत्र देखना विधि विभाग और पूरी Law Fraternity के लिए ऐतिहासिक एवं भावनात्मक क्षण है।
छात्राओं ने शिक्षकों को बांधी राखी, पेड़ों की रक्षा का भी लिया संकल्प
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भावनात्मक एवं सामाजिक पक्ष भी सामने आया। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर एलएल.बी. की छात्राओं ने विधि विभाग के शिक्षकों को राखी बांधी और रक्षाबंधन पर्व की भावना को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विभाग परिसर में पेड़ों को भी रक्षा-सूत्र बांधा।
छात्राओं ने पेड़ों के संरक्षण एवं पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया। इस पहल में छात्राओं प्रीति, रूकैया एवं मुस्कान आदि का विशेष योगदान रहा। इस गतिविधि ने कार्यक्रम को सामाजिक एवं पर्यावरणीय संदेश से भी जोड़ा।

वर्तमान शिक्षकों ने भी कार्यक्रम में की सहभागिता
कार्यक्रम में विधि विभाग के प्रो. के.के. गुप्ता, प्रो. कामेश्वर प्रसाद, प्रो. एम.पी. वर्मा, प्रो. एच.एस. राय, प्रो. डी.एन. द्विवेदी, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. मोहम्मद दानिश एवं डॉ. कौशल पी. सिंह सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
वर्तमान एवं पूर्व शिक्षकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को अकादमिक संवाद और आत्मीय पुनर्मिलन का स्वरूप प्रदान किया। इस दौरान शिक्षकों ने विभाग की शैक्षणिक यात्रा और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए।
HOD’s Pictorial Wall ने सहेजी विभाग की गौरवशाली विरासत
पूर्व विभागाध्यक्षों की HOD’s Pictorial Wall को वरिष्ठ शिक्षकों ने विधि विभाग के गौरवशाली इतिहास और संस्थागत स्मृतियों को सहेजने का अभिनव प्रयास बताया। चित्र-दीर्घा के माध्यम से विभाग की विभिन्न पीढ़ियों के नेतृत्व एवं शैक्षणिक योगदान को एक स्थान पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर पुराने संस्मरणों, आत्मीय संवाद और हंसी-खुशी के बीच दशकों पुरानी यादें एक बार फिर जीवंत हो उठीं। पूर्व एवं वर्तमान शिक्षकों के बीच हुए संवाद ने कार्यक्रम को भावनात्मक और अकादमिक दोनों दृष्टियों से विशेष बना दिया।
सहभोज के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन सहभोज के साथ हुआ। इस दौरान पूर्व एवं वर्तमान शिक्षकों ने आपसी संवाद जारी रखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आत्मीय एवं अकादमिक पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित करने की कामना की।
मेरठ कॉलेज के विधि विभाग का यह आयोजन अतीत की गौरवशाली विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को उससे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
“अतीत का सम्मान… स्मृतियों का संगम… भविष्य की प्रेरणा।”