दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट प्रदान करती महिला आयोग की सदस्य डॉ मीनाक्षी भराला
महिला आयोग सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने दोपहिया वाहन चालकों को बांटे हेलमेट
मेरठ । रक्षाबंधन पर्व से पहले उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को सड़क सुरक्षा के संदेश से जोड़ते हुए अनूठी पहल की। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित नानू पुल पर आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के दौरान उन्होंने हाईवे से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए। इस दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सुरक्षित वाहन चलाने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
हेलमेट के महत्व की दी जानकारी
अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उन्हें हेलमेट के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. मीनाक्षी भराला ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। ऐसे में सड़क पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल यातायात चालान से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।
‘भाई की कलाई पर राखी, सिर पर हेलमेट’ का संदेश
डॉ. भराला ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम और सुरक्षा की भावना का प्रतीक है। इसी भावना को सड़क सुरक्षा से जोड़ते हुए इस अभियान के माध्यम से ‘भाई की कलाई पर राखी, सिर पर हेलमेट’ का संदेश दिया गया। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे रक्षाबंधन के दिन ही नहीं, बल्कि हर दिन हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएं।
तेज रफ्तार से बचने और यातायात नियमों के पालन की अपील
महिला आयोग सदस्य ने दोपहिया वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय तेज रफ्तार से बचें और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी परिवार के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक वाहन चालक को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने परिवार के सदस्यों से भी सड़क सुरक्षा को लेकर एक-दूसरे को जागरूक करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यदि परिवार का प्रत्येक सदस्य हेलमेट, गति सीमा और यातायात नियमों को लेकर सजग रहेगा तो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
‘कई परिवारों ने हेलमेट न पहनने की कीमत चुकाई’
डॉ. मीनाक्षी भराला ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे कई परिवार देखे हैं, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में अपने परिजनों को खोया है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनकर नहीं निकला और दुर्घटना के बाद परिवार को अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए रक्षाबंधन के अवसर पर हेलमेट वितरण का यह अभियान आयोजित किया गया।
भारी बारिश के बावजूद जारी रहा जागरूकता अभियान
मेरठ-करनाल हाईवे पर आयोजित इस अभियान के दौरान भारी बारिश के बावजूद सड़क सुरक्षा जागरूकता का कार्यक्रम जारी रहा। हेलमेट प्राप्त करने वाले दोपहिया वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने रक्षाबंधन के पर्व को सड़क सुरक्षा से जोड़ने की इस पहल की सराहना की।
रक्षाबंधन को सड़क सुरक्षा से जोड़ने की पहल
इस अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि भाई की लंबी उम्र की कामना केवल रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सड़क पर सुरक्षित यात्रा के लिए भी जागरूकता जरूरी है। ‘भाई की कलाई पर राखी, सिर पर हेलमेट’ का संदेश रक्षाबंधन के भावनात्मक महत्व के साथ सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी को जोड़ता है। डॉ. मीनाक्षी भराला ने वाहन चालकों से अपील की कि वे स्वयं हेलमेट पहनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें, ताकि सुरक्षित यातायात व्यवस्था और दुर्घटना मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सके