ओरिएंटेशन प्रोग्राम को संबोधित करते वक्ता
मेरठ। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एलाईड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से नवप्रवेशित यूजी एवं पीजी छात्र-छात्राओं के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम-2026 का शानदार आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, एलाईड एवं हेल्थकेयर क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं तथा उनके भविष्य के करियर के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं प्रशासन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें बदलते वैश्विक परिवेश, स्वास्थ्य क्षेत्र की नई आवश्यकताओं तथा रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ कौशल, अनुशासन, सकारात्मक सोच और व्यावहारिक ज्ञान को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
वेंक्टेश्वरा संस्थान के रवींद्रनाथ टैगोर भवन में आयोजित ओरिएंटेशन प्रोग्राम-2026 का शुभारंभ समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति डॉ. कृष्ण कांत दवे, प्रतिकुलपति प्रो. मानस रंजन, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय एवं डीन एलाईड साइंसेज डॉ. भूपेश गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने तथा देश और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
एलाईड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की देश-विदेश में बढ़ रही मांग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने कहा कि आज एलाईड एवं हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं कुशल प्रोफेशनल्स की देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी मांग है। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती आवश्यकताओं के कारण इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार एवं करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति युवाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने ज्ञान और कौशल को लगातार अपडेट करते रहना होगा।
श्री गिरि ने बताया कि वेंक्टेश्वरा समूह पिछले एक दशक से मेडिकल एवं एलाईड हेल्थकेयर क्षेत्र में हजारों कुशल प्रोफेशनल्स तैयार कर चुका है। संस्थान के अनेक युवा आज देश और दुनिया के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रभावी पहचान बना सकें।
नए एलाईड हेल्थकेयर आयोग से युवाओं के लिए बढ़ेंगी संभावनाएं
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय युवाओं ने एप्लाइड साइंसेज, एलाईड एंड हेल्थकेयर सर्विसेज तथा मेडिकल प्रोफेशन के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि देश में एलाईड हेल्थकेयर क्षेत्र के लिए नए आयोग की व्यवस्था से इस क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार होने की संभावना है। हालांकि इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों को भीड़ से अलग अपनी पहचान बनानी होगी और लगातार अपने ज्ञान एवं कौशल को अपग्रेड करना होगा।
डॉ. त्यागी ने कहा कि वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले एलाईड हेल्थकेयर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अपोलो हेल्थकेयर एकेडमी के साथ शैक्षणिक गठबंधन से मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्ण कांत दवे ने कहा कि एलाईड एवं हेल्थकेयर सेक्टर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अपोलो हेल्थकेयर एकेडमी के साथ शैक्षणिक गठबंधन के माध्यम से विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक एवं व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स को आधुनिक तकनीक, नई कार्यप्रणाली और उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार होना आवश्यक है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को इसी दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की दी प्रेरणा
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. मानस रंजन ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सोच उसके व्यक्तित्व और भविष्य की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में मिलने वाले अवसरों का भरपूर उपयोग कर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं
कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का सफर नहीं है, बल्कि यह आत्म-खोज, नए अनुभवों और जीवनभर सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।
उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं अन्य गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में बिताया गया समय विद्यार्थियों को न केवल पेशेवर बल्कि बेहतर इंसान बनने के लिए भी तैयार करता है।
विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर
ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान विद्यार्थियों को एलाईड एवं हेल्थकेयर क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, आवश्यक कौशल, व्यावसायिक आचरण, आधुनिक तकनीक तथा इंडस्ट्री की जरूरतों के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच विद्यार्थियों को अपने विषय के साथ-साथ तकनीकी एवं संचार कौशल पर भी ध्यान देना होगा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे ट्रेंड और कुशल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार करना है, जो देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वास्थ्य क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हों।
विश्वविद्यालय प्रशासन एवं शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रतिकुलपति प्रो. मानस रंजन, कुलसचिव प्रो. पीयूष पाण्डेय, डीन डॉ. भूपेश गुप्ता, डॉ. रीना जोशी, दीक्षा सिंह, मेरठ परिसर के निदेशक पंकज सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें पूरी लगन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया।