शैंकी वर्मा (महानगर अध्यक्ष, मेरठ व्यापार मंडल)
मेरठ। अधिवक्ता रवि गौतम को कथित तौर पर आधी रात धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी नेता और महानगर अध्यक्ष मेरठ व्यापार मंडल शैंकी वर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रवि गौतम पिछले करीब 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे और पिछले 24 घंटे से न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे।
आधी रात कार्रवाई पर उठाए सवाल
शैंकी वर्मा ने कहा कि रवि गौतम को कथित रूप से रात करीब दो बजे पुलिस द्वारा धरना स्थल से हटाया गया और बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को उनकी सेहत की चिंता थी तो दिन में भी उनसे बातचीत की जा सकती थी।
सपा नेता के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों और समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आधी रात पुलिस भेजकर धरना समाप्त कराने की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े होते हैं और प्रशासन को इस पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए था।
‘न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकता’
शैंकी वर्मा ने कहा कि किसी व्यक्ति की न्याय की मांग को केवल उसे अस्पताल में भर्ती कराकर समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी आंदोलनकारी की सेहत को लेकर चिंता थी तो प्रशासन को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन और अपनी बात रखने के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले में उचित संवाद और समाधान की दिशा में कदम उठाने की मांग की।
‘रवि गौतम के साथ खड़ी है पार्टी’
सपा नेता शैंकी वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी और वह स्वयं रवि गौतम के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों और आंदोलन से जुड़े पूरे मामले को गंभीरता से देखा जाना चाहिए तथा संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग करने वाले व्यक्ति की बात सुनी जानी चाहिए।