राष्ट्रीय पोषण सप्ताह पर आयोजित जागरुकता बेबीनार पर शामिल लोग
मेरठ, 5 सितंबर 2026। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ में फूड साइंस एवं क्वालिटी कंट्रोल तथा गृह विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पोषण जागरूकता वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का विषय “अपने भविष्य को पोषण दें: युवा महिलाओं के लिए प्रमाण-आधारित पोषण” रखा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को संतुलित आहार, स्वस्थ भोजन विकल्पों और वैज्ञानिक पोषण संबंधी जानकारी के प्रति जागरूक करना रहा।
स्वस्थ भोजन और संतुलित आहार के महत्व पर विशेषज्ञ ने किया जागरूक
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता कुमारी के संरक्षण में आयोजित वेबिनार की मुख्य वक्ता आहार विशेषज्ञ शिवोली माथुर रहीं। उन्होंने छात्राओं को स्वस्थ भोजन के चुनाव और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दैनिक आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, सूक्ष्म पोषक तत्व तथा स्वस्थ वसा का संतुलित समावेश शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आहार विशेषज्ञ ने छात्राओं को भोजन की पूर्व योजना बनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर पोषण की दिशा में उपयोगी कदम है। उन्होंने मोटे अनाज, पौष्टिक फलों तथा विविध प्रकार के प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। साथ ही जंक फूड और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी।
सोशल मीडिया की भ्रामक पोषण संबंधी जानकारी से सावधान रहने की अपील
वेबिनार के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक पोषण संबंधी जानकारी और फैशन के रूप में प्रचलित विभिन्न आहार पद्धतियों को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया। विशेषज्ञ ने कहा कि हर व्यक्ति की पोषण संबंधी आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं, इसलिए बिना आवश्यकता और विशेषज्ञ की सलाह के पोषक पूरकों का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को पोषण को अनावश्यक रूप से जटिल बनाने के बजाय सरल, संतुलित और विविधतापूर्ण आहार अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ नियमित और संतुलित खान-पान की आदतें भी महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने पूछे महत्वपूर्ण सवाल
वेबिनार का प्रश्नोत्तर सत्र विशेष रूप से उपयोगी एवं रोचक रहा। छात्राओं के साथ-साथ अन्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से जुड़े प्रतिभागियों ने भी आहार विशेषज्ञ से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। प्रतिभागियों ने भोजन छोड़ने की आदत, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के स्वस्थ विकल्प तथा हृदय रोगियों के लिए उपयुक्त आहार सहित कई विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
आहार विशेषज्ञ शिवोली माथुर ने प्रतिभागियों के सवालों का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान प्रस्तुत किया और दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले स्वस्थ भोजन विकल्पों के बारे में जानकारी दी।
शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने बढ़-चढ़कर किया सहभागिता
कार्यक्रम का स्वागत संबोधन एवं उद्घाटन वक्तव्य प्रो. सोनिका चौधरी, आईक्यूएसी समन्वयक एवं इंचार्ज, गृह विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। वेबिनार की संयोजक प्रो. दीक्षा यजुर्वेदी, प्रभारी, खाद्य विज्ञान एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग रहीं। उन्होंने कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुचारु संचालन किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. ममता कुमारी, सहायक आचार्य, गृह विज्ञान विभाग एवं आयोजन सचिव ने सभी अतिथियों, वक्ता, शिक्षिकाओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्राचार्या ने आयोजन को बताया छात्राओं के लिए सार्थक पहल
महाविद्यालय की प्राचार्या ने वेबिनार की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वस्थ भोजन विकल्पों और वैज्ञानिक पोषण संबंधी जानकारी के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने वेबिनार को छात्राओं के लिए उपयोगी एवं सार्थक पहल बताया और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर जोर दिया।
शिक्षिकाओं एवं छात्राओं की रही सक्रिय भागीदारी
वेबिनार में प्रो. अंजुला राजवंशी, डॉ. पूनम लता सिंह, डॉ. श्वेता त्यागी, डॉ. भावना शर्मा, श्रीमती नीरू बत्रा, सुश्री सलोनी शर्मा, सुश्री दीपा कंडपाल और सुश्री शिवानी संधू सहित महाविद्यालय की अन्य शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने सहभागिता की।
संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता का संदेश
समग्र रूप से राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर आयोजित यह वेबिनार ज्ञानवर्धक एवं सार्थक रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को संतुलित आहार, स्वस्थ भोजन विकल्प, प्रमाण-आधारित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी मिली। वेबिनार ने युवाओं को सोशल मीडिया पर उपलब्ध भ्रामक पोषण संबंधी जानकारी से सावधान रहने तथा वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय जानकारी के आधार पर अपने खान-पान से जुड़े निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।