प्रेस वार्ता कर गुर्जर स्वाभिमान रैली की जानकारी देते हरीशचंद भाटी
मेरठ। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के बैनर तले गुर्जर समाज के नेताओं, प्रतिनिधियों और विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े लोगों को एक साझा मंच पर लाने की पहल तेज हो गई है। इसी क्रम में 29 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली की तैयारियों को लेकर मेरठ में महत्वपूर्ण बैठक एवं प्रेस वार्ता आयोजित की गई। बैठक में रैली की रूपरेखा, तैयारियों और समाज की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
लाखों लोगों के जुटने की संभावना, देशभर से पहुंचेंगे समाज के प्रतिनिधि
बैठक के दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली समाज के इतिहास में नई दिशा और नया आयाम स्थापित करने का प्रयास है। रैली में देशभर से बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई। आयोजकों के अनुसार रैली का उद्देश्य समाज के उन लोगों की आवाज को मजबूती देना है, जो राजनीतिक भागीदारी से दूर हैं और लंबे समय से राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर उपेक्षा का अनुभव कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि रैली को व्यापक स्वरूप देने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसके माध्यम से सामाजिक एकजुटता, सम्मान और प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास किया जाएगा।
राजनीतिक दलों के समर्थन या विरोध तक सीमित नहीं होगी रैली
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गुर्जर स्वाभिमान रैली का उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल के विरोध या समर्थन तक सीमित नहीं है। महासभा समाज के अधिकारों, सम्मान, राजनीतिक भागीदारी और मजबूत प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को सामूहिक रूप से उठाने के उद्देश्य से यह पहल कर रही है।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न राजनीतिक दलों एवं अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता और सकारात्मक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक रैली के माध्यम से समाज की एकजुटता को मजबूत करने के साथ-साथ लोकतांत्रिक एवं सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
रोबिन गुर्जर को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी
बैठक एवं प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के विस्तार और समाज को एकजुट करने की दिशा में महत्वपूर्ण संगठनात्मक घोषणा भी की गई। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश चंद भाटी ने रोबिन गुर्जर को महासभा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश चंद भाटी ने कहा कि रोबिन गुर्जर संगठन के प्रति पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करते हुए महासभा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि रोबिन गुर्जर समाज के विभिन्न वर्गों एवं अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े लोगों को एक साझा मंच पर लाने तथा संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
समाज की एकता और राजनीतिक भागीदारी को बताया प्राथमिकता
हरीश चंद भाटी ने कहा कि गुर्जर समाज की एकता, सामाजिक सम्मान, अधिकारों की आवाज को मजबूती देना और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना महासभा की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को विभिन्न स्तरों पर एकजुट करते हुए सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली को समाज की एकजुटता का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि रैली के माध्यम से समाज की सामूहिक शक्ति और सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
वरिष्ठ पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग रहे मौजूद
मेरठ में आयोजित बैठक एवं प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ समाज के अनेक प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान सविंदर भाटी, रामकेश चपराना, जीत सिंह दौसा, केपी मवई, विजय धामा, भोपाल सिंह, ब्रजवीर सिंह, सुरेंद्र नागर, मनोज चपराना, मेरठ जिला अध्यक्ष बलराज डूंगर, अहेलकर नागर, शक्ति सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
बैठक में रैली की तैयारियों को लेकर जिम्मेदारियों और आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों तक रैली का संदेश पहुंचाने और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
रैली को ऐतिहासिक बनाने का लिया संकल्प
बैठक के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही समाज के विभिन्न सामाजिक एवं वैचारिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को एक साझा मंच पर लाने के प्रयासों को गति देने पर सहमति व्यक्त की गई।
आयोजकों ने कहा कि रैली के माध्यम से गुर्जर समाज की एकजुटता, सामाजिक सम्मान, अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े विषयों को मजबूती से सामने रखा जाएगा। महासभा की ओर से रैली की तैयारियों को लेकर आने वाले दिनों में विभिन्न स्तरों पर संपर्क और जनसंपर्क अभियान चलाए जाने की बात कही गई।