छात्र अभिनंदन एवं आचार्य वंदन कार्यक्रम में पूर्व प्रधानाचार्य को सम्मानित करते हैं मेडिकल प्राचार्य आर सी गुप्ता
मेरठ। बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर, डी-ब्लॉक, शास्त्री नगर, मेरठ में छात्र अभिनन्दन एवं आचार्य वन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों का सम्मान करना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, मेरठ तथा मुख्य अतिथि प्रो. एच.एस. सिंह, पूर्व कुलपति, मां शाकुंभरी देवी विश्वविद्यालय, सहारनपुर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया।
विद्यालय की प्रस्ताविकी उपाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत की गई। उन्होंने विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों, उपलब्धियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
95 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये का पुरस्कार
कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों नेवान्शी मित्तल, हृद्यांश गर्ग, अंशिका शर्मा और प्रकृति शर्मा को विद्यालय की ओर से 21-21 हजार रुपये का पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका अभिनंदन किया गया।
वहीं 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों चैतन्य शर्मा, कुशाग्र अरोरा, प्रेरणा वर्मा, दिव्यांशी गुप्ता, अंश गुप्ता और तनिषा लोधी को 11-11 हजार रुपये का पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले आचार्यों का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले अध्यापक एवं अध्यापिकाओं को भी पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों का मार्गदर्शन, परिश्रम और निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यालय के सांस्कृतिक विभाग की ओर से एकल एवं सामूहिक गीतों सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यों की झलक भी देखने को मिली।
सरस्वती शिशु मंदिर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा दे रहे: डॉ. आर.सी. गुप्ता
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आर.सी. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच सरस्वती शिशु मंदिर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनके संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों की भी सराहना की।
विद्यार्थियों को फूलों की तरह महकने और आगे बढ़ने की प्रेरणा
मुख्य अतिथि प्रो. एच.एस. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें फूलों की तरह महकते हुए अपने जीवन से समाज और देश को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को संस्कार भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर परिश्रम, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
अतिथियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर श्री मनमोहन गुप्ता, डॉ. सुधांशु अग्रवाल, श्रीमती गीता अग्रवाल, ज्योति गर्ग, अशोक ऐरन, विद्यालय समन्वयक कृष्ण कुमार शर्मा, संयोजक राकेश गुप्ता सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से मेधावी विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले आचार्यों को बधाई दी गई। छात्र अभिनन्दन एवं आचार्य वन्दन कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के साथ शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया। कार्यक्रम उत्साह, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के वातावरण में संपन्न हुआ।