शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को किया सम्मानित
मेरठ, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर मेरठ में शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को रेखांकित करते हुए जनपद स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभागार में किया गया। समारोह में जनपद के उत्कृष्ट कार्य करने वाले 39 शिक्षकों को प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरे पर उत्साह और गर्व दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, संस्कृति, अनुशासन और राष्ट्रभाव विकसित करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।
शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति का निर्माण भी शिक्षक की जिम्मेदारी : डॉ. सोमेंद्र तोमर
समारोह के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसके नागरिकों के आचार-विचार, व्यवहार और दृष्टिकोण से होती है। ऐसे में शिक्षक की भूमिका केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का व्यक्तित्व और आचरण विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए शिक्षकों को पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ-साथ विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही है। शिक्षक शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति की पाठशाला भी चला रहे हैं।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण : महापौर
समारोह में मेरठ के महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को दिए जाने वाले संस्कार और मूल्य उनके जीवन में लंबे समय तक प्रभाव डालते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी कार्य करें।
शिक्षक राष्ट्र के भविष्य निर्माता : एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज
एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य निर्माता हैं। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में उनके शिक्षकों की छाप स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
शिक्षक सम्मान समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने अतिथियों को अंगवस्त्र, पौधा और पुस्तक भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने जिलाधिकारी का अभिनंदन किया, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से चयनित शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद मुख्यालय के साथ-साथ जिले के सभी विकासखंडों में भी किया गया। इसके बाद मेरठ में जनपद स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इन शिक्षकों को किया गया सम्मानित
जनपद स्तरीय समारोह में सम्मानित किए गए शिक्षकों में सचिन कुमार, सुरेखा सहाय, पुष्पा यादव, प्रेमचंद, यदुवीर सिंह, मोहनदत्त शर्मा, ममता गर्ग, मीनाक्षी, दीपमाला और स्वाति शर्मा सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे। शिक्षकों को प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र और पुस्तक भेंट कर उनके उत्कृष्ट शिक्षण कार्य की सराहना की गई।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने संभाली व्यवस्थाएं
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस दौरान विनीत कुमार, अनिरुद्ध कुमार, अंकुश कुमार, डॉ. शिप्रा विश्नोई, अनीता चौधरी, जसप्रीत कौर, ज्योति कटारिया, डॉ. सपना जसूजा, शैलजा सोम, दुष्यंत कुमार, राजेश कुमार, भूपेंद्र कुमार और कुंवर पाल सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही। कार्यक्रम का मंच संचालन एसआरजी नीलम पंकज ने किया।
अधिकारी, शिक्षक और शिक्षिकाएं रहे मौजूद
समारोह में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, बीएसए आशा चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ शिक्षा को संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।