पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथिगण
मेरठ। पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को लेकर पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा की ओर से मेरठ स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स में प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में संयुक्त मोर्चा से जुड़े विभिन्न सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अलग प्रदेश के गठन की मांग को लेकर आंदोलन को और प्रभावी बनाने तथा सभी संगठनों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा की गई।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल मोर्चा, शोषित क्रांति दल, अधिकारी कल्याण परिषद, नव राज्य निर्माण संघ, बार एसोसिएशन और हाईकोर्ट संघर्ष समिति सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडलों से आए पदाधिकारियों तथा विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी सम्मेलन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
प्रतिनिधियों ने पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डीएसपी धर्मवीर सिंह मलिक ने की अध्यक्षता, हिमांशु सिंह ने किया संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएसपी धर्मवीर सिंह मलिक ने की, जबकि संचालन हिमांशु सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन में आंदोलन की अब तक की गतिविधियों, संगठनात्मक विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कर्नल सुधीर चौधरी, केंद्रीय महासचिव ने आंदोलन का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आगामी रणनीति की रूपरेखा भी सामने रखी और आंदोलन को विभिन्न क्षेत्रों में और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने की अपील
संयुक्त मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सतपाल यादव ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाने की अपील की। उन्होंने सभी सहयोगी संगठनों से अगले दो महीनों के दौरान प्रस्तावित बड़े कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को राजनीतिक दलों के सामने मजबूती से रखा जाए और चुनावी प्रक्रिया के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए सभी संगठनों को समन्वित प्रयास करने चाहिए।
चार राज्यों में विभाजन के प्रस्ताव को लागू कराने की मांग
शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए प्रदेश को चार राज्यों में विभाजित करने के प्रस्ताव को लागू कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुविधा और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग प्रदेश के गठन की मांग को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
बार एसोसिएशनों ने सहयोग का दिया आश्वासन
सम्मेलन में मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष केपी शर्मा ने पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को लेकर सभी बार एसोसिएशनों के सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज की ओर से आंदोलन को आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में किसान यूनियन समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी भाग लिया। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संगठनों की ओर से आंदोलन को मजबूती प्रदान करने तथा भविष्य के कार्यक्रमों में सहयोग करने की बात कही।
संगठनों ने दिया अपनी शक्ति और सहयोग का भरोसा
अधिकारी कल्याण परिषद की ओर से कर्नल सुधीर चौधरी, ओमवीर सिंह वीरवाल और बाबूराम बालियान ने भाग लिया। वहीं राष्ट्रीय खेल मोर्चा की ओर से डीएसपी जगराज सिंह और शिव कौशिक सम्मेलन में मौजूद रहे। नव राज्य निर्माण संघ की ओर से कमलेश झा ने हिस्सा लिया और विभिन्न संगठनों के बीच उच्च स्तर पर बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग संगठनों के प्रयासों को एक साझा मंच पर लाना जरूरी है। सम्मेलन में संगठनात्मक स्तर पर समन्वय बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
एकजुटता के साथ आंदोलन आगे बढ़ाने का संकल्प
सम्मेलन के दौरान सभी सहयोगी संगठनों ने पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार करने में सहयोग देने और अपने-अपने संगठनों की ताकत के साथ संयुक्त मोर्चे को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि सभी संगठनों के सामूहिक प्रयासों और व्यापक जनसहयोग के माध्यम से पश्चिम प्रदेश निर्माण की मांग को और मजबूती से उठाया जाएगा। सम्मेलन में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने तथा आने वाले समय में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।