डॉ. हरिओम पवार
मेरठ, 05 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के पत्र तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों के क्रम में आगामी 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत के सफल आयोजन और अधिक से अधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र पक्षकारों तक लोक अदालत की जानकारी पहुंचाना और उन्हें अपने मामलों के त्वरित समाधान का अवसर उपलब्ध कराना है।
डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता पर जोर
राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को प्रियंका रानी, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ ने राष्ट्रीय कवि डॉ. हरिओम पंवार से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोक अदालत से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और जिन पक्षकारों के मामले लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं, वे इस अवसर का लाभ उठा सकें।
डॉ. हरिओम पंवार ने आमजन से की लोक अदालत में पहुंचने की अपील
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि डॉ. हरिओम पंवार ने आमजन से अपील की कि वे आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने लंबित वादों एवं विवादों के निस्तारण का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर मामलों का सरल, सुलभ और त्वरित समाधान संभव है।
उन्होंने कहा कि विवादों का आपसी सहमति से समाधान होने पर पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही, आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद समाप्त होने से पक्षकारों के बीच अनावश्यक तनाव भी कम होता है। उन्होंने पात्र लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत के इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का हो सकता है निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव प्रियंका रानी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित वादों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है। इसका उद्देश्य पक्षकारों को विवादों के समाधान के लिए सरल और सर्वसुलभ मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है। इससे न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने के साथ ही पक्षकारों को विवाद का व्यावहारिक समाधान प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
विभिन्न माध्यमों से चलाया जा रहा जन-जागरूकता अभियान
राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के अलावा अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता और इसमें मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है।
प्राधिकरण का प्रयास है कि कोई भी पात्र पक्षकार जानकारी के अभाव में इस अवसर से वंचित न रहे। इसके लिए लोगों को अपने लंबित मामलों के संबंध में विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण की संभावनाओं की जानकारी लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
12 सितंबर को लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर अपने लंबित वादों और विवादों का सुलह एवं समझौते के आधार पर निस्तारण कराने का प्रयास करें। प्राधिकरण ने कहा कि लोक अदालत विवादों के समाधान का सरल और सुलभ माध्यम है तथा पात्र पक्षकारों को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कर पक्षकारों को राहत पहुंचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं।