माछरा ब्लॉक के लालपुर ग्रामीणों ने नशा मुक्ति को लेकर शपथ ग्रहण की।
मेरठ, 6 सितंबर 2026। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के उन्नत भारत अभियान सेल की ओर से विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्राम लालपुर, ब्लॉक माछरा में नशा मुक्त गांव अभियान के तहत जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और नशा छोड़ने का संकल्प भी दिलाया गया।
नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को करता है प्रभावित
कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए नशामुक्ति बेहद जरूरी है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाज में नशे की प्रवृत्ति को कम किया जा सकता है।
युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने की अपील
डीन, इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि युवाओं के पास ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता है। इसका उपयोग सकारात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जा सकता है। इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
सामूहिक प्रयास से ही नशामुक्ति अभियान को मिलेगी मजबूती
संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने कहा कि नशामुक्ति के लिए केवल व्यक्तिगत प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यापक जन-जागरूकता और सामूहिक प्रयास भी आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के नुकसान की जानकारी देकर उन्हें जागरूक करना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर जागरूकता का वातावरण तैयार करें और जरूरतमंद लोगों को नशे की आदत से बाहर निकलने के लिए सहयोग दें।
विश्वविद्यालय के गोद लिए सभी पांच गांवों में होंगे कार्यक्रम
कार्यक्रम के समन्वयक इंजीनियर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए सभी पांच गांवों में नशामुक्ति और जन-जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से गांवों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने बताए नशे से होने वाले नुकसान
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता सुश्री प्रिया पाल, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट और सुश्री शिवानी शर्मा, साइकोलॉजिस्ट, हेल्थ मिशन इंडिया ने ग्रामीणों को नशे के विभिन्न दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है। इसके अलावा नशे की वजह से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ने और सामाजिक संबंधों में तनाव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशे की आदत से बाहर निकलना संभव है। परिवार और समाज का सहयोग मिलने पर व्यक्ति स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की ओर वापस लौट सकता है।
ग्रामीणों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने से लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी मिलेगी।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि नशामुक्ति केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विश्वविद्यालय टीम और ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विजय कुमार, डॉ. निधि चौहान, इंजीनियर पारुल, इंजीनियर प्रवीण पवार, सोनू महरोल, हरिनाथ तथा छात्र प्रशांत करण का सहयोग रहा।
ग्रामवासियों की ओर से श्री बृजपाल सिंह, दीपक कुमार, कैलाश चंद, धर्मवीर, चेतन सिंह, जगदीश और उषा शर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई।