शीलकुंज कॉलोनीवासियों को धरने के दौरान पुलिस और सक्षम अधिकारियों द्वारा दबाव बनाने का आरोप
मेरठ। शीलकुंज कॉलोनी में निवासियों की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण धरना रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से सुरक्षा, बिजली, पानी, एसटीपी और आवारा कुत्तों समेत कई मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बिल्डर पक्ष की ओर से पुलिस-प्रशासन के माध्यम से धरना समाप्त कराने का दबाव बनाए जाने के आरोपों को लेकर कॉलोनी के गेट पर हंगामा हुआ।
धरना समाप्त कराने के दबाव को लेकर हुआ विवाद
रविवार को शीलकुंज कॉलोनी के गेट पर धरना दे रहे निवासियों, पुलिस-प्रशासन तथा इंडस वैली प्रमोटर्स के बिल्डर अजय गुप्ता के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न समस्याओं को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन समाप्त कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
निवासियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी प्रकार के विवाद या टकराव के लिए नहीं, बल्कि कॉलोनी में रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर है। उनका कहना है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।
सुरक्षा, बिजली, पानी और एसटीपी सहित कई समस्याएं
शीलकुंज न्याय एवं सुधार समिति के अनुसार कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, पेयजल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और आवारा कुत्तों की समस्या समेत कई मुद्दे लंबे समय से बने हुए हैं। समिति का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर निवासियों की ओर से लगातार आवाज उठाई जाती रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
समिति के सदस्यों का कहना है कि कॉलोनी के निवासियों को नियमित और सुरक्षित मूलभूत सुविधाएं मिलना उनका जायज अधिकार है। इसी मांग को लेकर पिछले सात दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा है।
समिति ने कहा- लिखित आश्वासन के बाद ही खत्म होगा धरना
शीलकुंज न्याय एवं सुधार समिति ने कहा कि निवासियों का आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। समिति ने आरोप लगाया कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय दबाव बनाकर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक निवासियों की मांगों के समाधान को लेकर बिल्डर पक्ष की ओर से ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। समिति का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन से भी की हस्तक्षेप की अपील
समिति ने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं उठा रहे कॉलोनीवासियों की आवाज को दबाने के बजाय विवाद के मूल कारण का समाधान कराने की दिशा में कार्रवाई करे। समिति का आरोप है कि यदि कॉलोनी की समस्याओं का समाधान कराया जाता है तो धरने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।
समिति ने प्रशासन से मांग की कि वह दोनों पक्षों की बात सुनकर समस्याओं का समाधान कराने के लिए आवश्यक पहल करे, ताकि कॉलोनी में सामान्य माहौल कायम हो सके और निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बड़ी संख्या में निवासी धरने में शामिल
सातवें दिन भी धरने में शीलकुंज न्याय एवं सुधार समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में कॉलोनी निवासी मौजूद रहे। धरने में अवनीश काजला, हरिओम कंसल, मनोज गर्ग, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, प्रदीप सेठी, प्रज्ञा पंवार, प्रबल शैनी, नवदीप कुमार, हर्ष पुनिया, डॉ. विवेक राणा, ईशु वर्मा, आंचल चौधरी और कमल पुनिया सहित अन्य निवासी शामिल रहे।
निवासियों ने दोहराया कि उनका आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और समस्याओं के स्थायी समाधान तथा लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।