जनसंख्या नियंत्रण की मांग करते सुरभि परिवार के सदस्य
मेरठ। चीन के राष्ट्रपति के भारत आगमन के अवसर पर शनिवार को मेरठ में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कमिश्नरी चौराहे पर दोपहर करीब एक बजे आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर चीन के राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार से देश में प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाने की मांग उठाई।
कमिश्नरी चौराहे पर बनाई मानव शृंखला
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानव शृंखला बनाकर लोगों को बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूक किया। इसके बाद पदयात्रा निकालकर आने-जाने वाले लोगों का ध्यान जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे की ओर आकर्षित किया गया। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी और केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
दिनेश तलवार के नेतृत्व में हुआ आयोजन
कार्यक्रम सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश तलवार एवं मेरठ के वरिष्ठ समाजसेवी दीवान गिरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चौधरी यशपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पंकज गुप्ता ने किया, जबकि संयोजन ज्ञान प्रकाश गर्ग ने किया।

बढ़ती आबादी को बताया भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश तलवार ने कहा कि भारत की आबादी विश्व में सबसे अधिक हो चुकी है और चीन दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को केवल आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। जनसंख्या वृद्धि का सीधा प्रभाव रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, पेयजल, कृषि भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ता है।
चीन के उदाहरण का किया उल्लेख
दिनेश तलवार ने कहा कि चीन ने पिछले दशकों में जनसंख्या नियंत्रण के साथ आर्थिक और औद्योगिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया। उनके अनुसार चीन ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने भारत में भी जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन कायम करने के लिए प्रभावी नीतिगत कदम उठाए जाने की आवश्यकता जताई।
सरकार से प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग
कार्यक्रम में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से देश की जनसंख्या से संबंधित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जनसंख्या, संसाधनों और विकास के बीच संतुलन बनाना देश के दीर्घकालिक हित के लिए आवश्यक है। मानव शृंखला और पदयात्रा के माध्यम से उन्होंने आम लोगों को इस विषय पर जागरूक करने का प्रयास किया।