जलभराव से नष्ट हुई फसल को सक्षम अधिकारी को दिखाते भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी
मेरठ। जानी ब्लॉक के ग्राम मुंसफगढ़ और टिकरी में खेतों में जलभराव के कारण करीब 3000 बीघा कृषि भूमि में खड़ी फसल बर्बाद होने का मामला सामने आया है। फसल खराब होने से किसानों में नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए प्रभावित खेतों का निरीक्षण कराने और किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
कमिश्नरी घेराव में उठाया गया था किसानों का मुद्दा
किसानों के अनुसार जलभराव की समस्या और फसल बर्बादी का मुद्दा कमिश्नरी घेराव के दौरान भी उठाया गया था। इसके बाद जिलाधिकारी वीके सिंह के निर्देश पर प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची। अधिकारियों ने मौके पर जाकर खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से समस्या की जानकारी ली।
अधिकारियों की टीम ने खेतों में पहुंचकर किया निरीक्षण
मौके पर तहसीलदार सदर रवि प्रजापति, एई सिंचाई राजेश गुप्ता, बीडीओ जानी मुकेश, कानूनगो दिनेश सोम समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान भी भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने अधिकारियों को जलभराव से प्रभावित खेत दिखाए और बताया कि पानी की निकासी नहीं होने के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
किसानों ने मुआवजे की मांग के साथ स्थायी समाधान पर दिया जोर
किसानों ने अधिकारियों के सामने फसल बर्बादी का मुआवजा दिलाने की मांग रखी। किसानों का कहना था कि जलभराव की समस्या केवल मौजूदा फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने क्षेत्र में जल निकासी के लिए नाला निर्माण कराने की मांग भी रखी, ताकि भविष्य में खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान न हो।
नाला निर्माण कराने की मांग
किसानों ने कहा कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश अथवा अन्य कारणों से खेतों में पानी जमा हो जाता है। लंबे समय तक जलभराव रहने से फसल खराब होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने प्रशासन से नाला निर्माण सहित जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की, जिससे आने वाले समय में समस्या का समाधान हो सके।
जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपने का आश्वासन
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर रवि प्रजापति ने किसानों को आश्वासन दिया कि मौके की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और अपनी लिखित जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन फसल नुकसान का आकलन कराकर जल्द मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करेगा और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष बोले – किसानों को राहत दिलाना जरूरी
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि जलभराव के कारण मुंसफगढ़ और टिकरी क्षेत्र के किसानों की बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद हुई है। किसानों को हुए नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही केवल अस्थायी जल निकासी के बजाय नाला निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कराकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।
ये किसान रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ मोनू टिकरी, सुरेंद्र, ओमवीर, वीरेंद्र, अंशुल, हरेंद्र, विनय, डीके समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।