आनंदपुरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में 10 लक्षण महापर्व के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान करते जैन समाज के अनुयायी
मेरठ। आनंदपुरी स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर उत्तम मार्दव धर्म के दिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। इस अवसर पर श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कर विधिवत अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न कराई गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और भक्तों ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की।
श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया शांतिधारा का सौभाग्य
शांतिधारा करने का परम सौभाग्य श्री अरुण जैन एवं अंशुल जैन, जैन नगर, श्री प्रभात जैन, चैतन्य जैन एवं ईशान जैन, दशमेश नगर, श्री संजीव जैन, एलआईसी वाले, प्रेमपुरी तथा श्री सतेंद्र जैन, संयम जैन एवं लक्ष्य जैन, देवपुरी को प्राप्त हुआ। शांतिधारा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
विधानाचार्य के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक पूजन
विधानाचार्य पंडित श्री नंदन शास्त्री जी, टीकमगढ़ के सान्निध्य में दशलक्षण महापर्व की पूजा-अर्चना कराई गई। इस दौरान दशलक्षण पर्व पूजा के साथ सोलह कारण पूजा, पंचमेरु पूजा, श्री महावीर भगवान तथा देव-शास्त्र-गुरु की पूजन विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।
इसके अलावा श्रद्धालुओं ने तत्त्वार्थ सूत्र विधान में भी सहभागिता की। धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने धार्मिक क्रियाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उत्तम मार्दव धर्म के महत्व पर शास्त्र सभा
सायंकाल श्रीजी की आरती के पश्चात विधानाचार्य पंडित श्री नंदन शास्त्री जी द्वारा शास्त्र सभा का आयोजन किया गया। सभा में धार्मिक विषयों पर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया गया तथा दशलक्षण महापर्व के दौरान आत्मचिंतन, संयम और धर्म के पालन के महत्व पर विचार रखे गए।
सलोनी जैन ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम
शास्त्र सभा के पश्चात सलोनी जैन के संयोजन में सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को अभिव्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने प्रस्तुतियों की सराहना की।
आयोजन में श्रद्धालुओं और सहयोगियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में समाज के अनेक लोगों का सहयोग रहा। आयोजन में श्री सुनील जैन प्रवक्ता, श्री प्रमोद जैन भट्टेवाले, श्री तरसचंद जैन, श्री अरुण जैन, श्री शैलेन्द्र जैन सूतवाले, श्री प्रदीप जैन, श्री निपुण जैन एवं श्री निशांत जैन का विशेष सहयोग रहा।
दशलक्षण महापर्व के उत्तम मार्दव धर्म के अवसर पर मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना कर धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और दशलक्षण महापर्व की धार्मिक परंपराओं में सहभागिता की।