सेवा संकल्प अभियान के तहत सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लगाए गए टीके
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत स्वास्थ्य, योग, स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी और विभिन्न वर्गों के प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
अभियान के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। साथ ही विश्वविद्यालय समुदाय को समाजहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
विशेष योग सत्र के साथ अभियान की शुरुआत
सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत नित्य योगशाला द्वारा आयोजित विशेष योग सत्र से हुई। योग सत्र में सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और योग को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने योग एवं पंचकर्म को समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नियमित योग एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
विश्वविद्यालय परिसर में चलाया गया स्वच्छता अभियान
योग सत्र के बाद विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए परिसर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। अभियान के दौरान स्वच्छता के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया।
सर्वाइकल कैंसर जागरूकता के साथ HPV टीकाकरण शिविर
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला अध्ययन केंद्र द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सहयोग से सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं निःशुल्क HPV टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, कुलसचिव अजय कृष्ण यादव, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता एवं प्रो. बीर पाल सिंह द्वारा किया गया।
शिविर में विश्वविद्यालय परिसर, विद्यालयों तथा विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों से आई 146 बालिकाओं को लाभ मिला। इस दौरान डॉ. प्रवीण गौतम (DIO) और डॉ. शाश्वत सिंह ने HPV टीकाकरण के महत्व, इसके लाभ तथा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
महिला स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर दी गई जानकारी
महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक प्रो. बिंदु शर्मा ने केंद्र द्वारा महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने महिला स्वास्थ्य एवं जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में 150 से अधिक लोगों को मिला लाभ
अभियान के तहत मैक्स अस्पताल के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में 150 से अधिक प्रतिभागियों को चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की गई।
इसी क्रम में 100 टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। आयोजकों के अनुसार यह पहल जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के प्रति सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में की गई।
इस अवसर पर प्रो. दिनेश शर्मा, प्रो. अनुज कुमार, प्रो. नीलू जैन गुप्ता, प्रो. के.के. शर्मा, प्रो. आर.के. शर्मा, प्रो. संजय, डॉ. योगेन्द्र गौतम और डॉ. अंशु अग्रवाल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला कारागार में महिला बंदियों के लिए सेवा और कैंसर जागरूकता कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला कारागार, मेरठ में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। डिप्टी जेलर सुश्री गीतिका के सहयोग से महिला बंदियों को फल वितरित किए गए। इसके साथ ही कैंसर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार में महिला बंदियों को कैंसर से बचाव, समय रहते जांच कराने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से जरूरतमंद एवं वंचित समूहों तक स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
विभिन्न कार्यक्रमों का किया गया समन्वय
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. वैशाली पाटिल, डॉ. पी.के. बंसल, योगाचार्य अमरपाल, डॉ. अरुण कुमार, चंद्रकिरण, डॉ. मनीषा त्यागी, रीता रानी, राकेश एवं वीरेंद्र द्वारा संभाली गई।
विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य, योग, स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सेवा को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाजहित में सक्रिय सहभागिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया गया।