विद्यार्थियों ने लिया ओजोन प्रहरी बनने का संकल्प
मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय, मेरठ के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज एवं बायोकॉस्मो क्लब की ओर से अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में ओजोन परत के संरक्षण, पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ‘ओजोन एस्केप चैलेंज’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और ओजोन परत के महत्व को समझा।
‘एक ठंडे ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई’ रही कार्यक्रम की थीम
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “एक ठंडे ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई” रखी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विकास यादव के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओजोन परत के महत्व, इसके क्षरण के प्रमुख कारणों तथा इसके पर्यावरण और मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
125 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 125 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान कुल 7 टीमों ने ओजोन क्षरण, उसके पर्यावरणीय प्रभावों तथा ओजोन परत के संरक्षण के उपायों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
‘ओजोन एस्केप चैलेंज’ बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘ओजोन एस्केप चैलेंज’ रहा। इस गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों और समस्याओं से जुड़े कार्य दिए गए। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संबंधी अपने ज्ञान के साथ-साथ त्वरित सोच, समस्या-समाधान की क्षमता और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। चुनौतीपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को ओजोन परत संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
ओजोन संरक्षण पर आयोजित हुई प्रश्नोत्तरी
कार्यक्रम के अंतर्गत ओजोन प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों से ओजोन परत, उसके महत्व, क्षरण के कारणों, पर्यावरणीय प्रभावों और संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तरी में उत्साह के साथ भाग लिया और पर्यावरण संबंधी अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडल ने किया प्रतियोगिता का मूल्यांकन
‘ओजोन एस्केप चैलेंज’ और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के मूल्यांकन के लिए निर्णायक मंडल का गठन किया गया। इसमें डॉ. अल्पना जोशी, डॉ. सोनम आर्या, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. आसिफ बेग एवं श्री आशीष कुमार त्यागी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, पर्यावरणीय समझ, समस्या-समाधान क्षमता, टीमवर्क और गतिविधियों में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया।
विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को प्रमाण-पत्र, उपहार एवं पौधे प्रदान कर सम्मानित किया गया। पौधे प्रदान करने के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण के निर्माण के प्रति भी प्रेरित किया गया। आयोजकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के संदेश को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों ने लिया ‘ओजोन प्रहरी’ बनने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने “ओजोन की रक्षा करें और अपना भविष्य सुरक्षित करें” का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने स्वयं को ‘ओजोन प्रहरी’ के रूप में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने का संकल्प भी लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ओजोन परत के संरक्षण, पर्यावरण को स्वच्छ रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
आयोजन में विद्यार्थियों की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन में आशीष पांडेय, बादल पांडेय, रिषिका सिंह, मानस, आदर्श, गौरव, दिव्यांशु, किरण एवं तनु प्रिया सहित अन्य विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरणीय विषयों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से ओजोन परत संरक्षण का महत्व समझाया गया।