दस लक्षण धर्म के छठवें दिन पूजा आराधना करते जैन समुदाय के लोग
मेरठ। श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर आनंदपुरी, मेरठ में चल रहे दसलक्षण धर्म पर्व के छठवें दिन उत्तम संयम धर्म का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों ने सहभागिता की और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा।
भगवान चंद्रप्रभ एवं भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन धार्मिक क्रियाओं के साथ हुई। इंद्रों द्वारा दो पाण्डुक शिलाओं पर भगवान चंद्रप्रभ एवं भगवान पार्श्वनाथ को विराजमान कराया गया। इसके पश्चात विधि-विधान के साथ भगवान की शांति धारा की गई। शांति धारा करने का सौभाग्य चैतन्य जैन, अंशुल जैन, अशोक जैन, गौरव जैन, राजेश जैन एवं अवि जैन को प्राप्त हुआ।
देव शास्त्र गुरु सहित विभिन्न पूजन संपन्न
शांति धारा के बाद मंदिर परिसर में देव शास्त्र गुरु, सोलहकारण, पंचमेरू, दसलक्षण धर्म तथा भगवान महावीर की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंदिर जी में चल रहे तत्वार्थ सूत्र महामंडल विधान के अंतर्गत 27 अर्घ्य मंडले पर श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए।
सभी धार्मिक क्रियाएं एवं विधान विधानाचार्य श्री नंदन शास्त्री, टीकमगढ़ के निर्देशन में विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर भगवान की आराधना की।
सामूहिक आरती के बाद उत्तम संयम धर्म पर प्रवचन
सायंकाल मंदिर परिसर में सभी धर्मावलंबियों द्वारा सामूहिक आरती की गई। इसके पश्चात विधानाचार्य श्री नंदन शास्त्री जी ने उत्तम संयम धर्म के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने श्रद्धालुओं को संयम को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में संयम को अंगीकार करना चाहिए और जहां तक संभव हो, अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए। संयमित जीवन व्यक्ति को आत्मअनुशासन की ओर ले जाता है और धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। उनके विचारों को श्रद्धालुओं ने ध्यानपूर्वक सुना।
महिला नवकार ग्रुप ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम
धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत महिला नवकार ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। महिलाओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में उत्साह और भक्तिभाव का वातावरण बना रहा।
आयोजन में इनका रहा विशेष सहयोग
दसलक्षण धर्म के छठवें दिन आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री सुनील जैन प्रवक्ता, तरस चंद जैन, अरुण जैन, सत्येंद्र जैन, शैलेंद्र जैन, संजीव जैन, प्रमोद जैन एवं अनुराग जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। आयोजन में शामिल धर्मावलंबियों ने धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर दसलक्षण पर्व के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।