राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम
मुजफ्फरनगर में आरटीआई की लंबित द्वितीय अपीलों और शिकायतों की समीक्षा बैठक, मेरठ सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद 3 अक्टूबर को लखनऊ रवाना होंगे
मेरठ । उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम का आगामी दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा प्रस्तावित है। राज्य सूचना आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक बरेली, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और मेरठ की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत लंबित मामलों की समीक्षा के साथ अधिकारियों के साथ आवश्यक समन्वय भी करेंगे। राज्य सूचना आयोग के पत्र के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम अपने सहायक कर्मचारी सीपी-835 जनवेद सिंह के साथ निर्धारित कार्यक्रम के तहत लखनऊ से रवाना होंगे। आयोग की ओर से संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को उनके दौरे के दौरान ठहरने, भोजन, यातायात, स्कोर्ट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
30 सितंबर को लखनऊ से रवाना होकर बरेली होते हुए मुजफ्फरनगर जाएंगे
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक राज्य सूचना आयुक्त 30 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे लखनऊ स्थित अपने आवास से वाहन द्वारा रवाना होंगे। वह सीतापुर, लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर होते हुए बरेली पहुंचेंगे। बरेली सर्किट हाउस में अल्प विश्राम और लंच के बाद रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा और मेरठ के रास्ते मुजफ्फरनगर के लिए प्रस्थान करेंगे। रात में उनका ठहराव मुजफ्फरनगर में रहेगा।
मुजफ्फरनगर में लंबित आरटीआई मामलों की होगी समीक्षा
1 अक्टूबर 2026 को राज्य सूचना आयुक्त मुजफ्फरनगर में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार पूर्व निर्धारित स्थान पर जिला पंचायत सभागार, कलेक्ट्रेट, मुजफ्फरनगर में पूर्वाह्न 11 बजे बैठक प्रस्तावित है। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों और शिकायतों के शीघ्र निस्तारण को लेकर समीक्षा की जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति, निस्तारण की प्रगति और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में जानकारी लिए जाने की संभावना है।
समीक्षा बैठक के बाद होगी प्रेस वार्ता
कार्यक्रम के अनुसार समीक्षा बैठक के बाद राज्य सूचना आयुक्त की ओर से दोपहर 1:30 बजे प्रेस वार्ता भी की जाएगी। इसमें सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लंबित मामलों और आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित विषयों पर जानकारी दिए जाने की बात पत्र में दर्ज है।
मुजफ्फरनगर से रुड़की और फिर मेरठ पहुंचेंगे
कार्यक्रम के अगले चरण में राज्य सूचना आयुक्त 1 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे निजी वाहन से मुजफ्फरनगर से हरिद्वार जनपद के रुड़की के लिए रवाना होंगे। वहां पहुंचकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, रुड़की में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 2 अक्टूबर को रुड़की से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार नई दिल्ली से शाम करीब 5 बजे मेरठ के लिए रवाना होकर राज्य सूचना आयुक्त मेरठ सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां उनका रात्रि विश्राम प्रस्तावित है।
2 अक्टूबर की रात मेरठ सर्किट हाउस में ठहरेंगे
राज्य सूचना आयुक्त के मेरठ आगमन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के पत्र में रिसीव करने, ठहरने, भोजन, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा राज्य सूचना आयुक्त के साथ आने वाले कार्यालयीय स्टाफ के ठहरने और भोजन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
3 अक्टूबर को मेरठ से लखनऊ के लिए रवाना होंगे
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे राज्य सूचना आयुक्त मेरठ सर्किट हाउस से शासकीय वाहन द्वारा लखनऊ के लिए रवाना होंगे। वह गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई और उन्नाव होते हुए लखनऊ स्थित अपने आवास पहुंचेंगे।
कई जिलों के अधिकारियों को भेजी गई सूचना
राज्य सूचना आयोग की ओर से जारी पत्र की प्रतिलिपि संबंधित पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है। इनमें लखनऊ, उन्नाव, बरेली, सीतापुर, मेरठ, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, रामपुर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, हापुड़, संभल, बदायूं, हरदोई, बिजनौर, गाजियाबाद और हरिद्वार समेत अन्य जिलों के अधिकारी शामिल हैं। आयोग ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से राज्य सूचना आयुक्त के निर्धारित दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने को कहा है। दौरे के दौरान मुजफ्फरनगर में आरटीआई से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा और उसके बाद प्रेस वार्ता को प्रमुख कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है