विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शास्त्री गांधी जयंती कार्यक्रम को संबोधित करती कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों और अन्य सदस्यों ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके जीवन, संघर्ष तथा आदर्शों को याद किया। इस दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने अपना जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। दोनों महापुरुषों का जीवन सादगी, ईमानदारी, सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का काम किया, जबकि शास्त्री जी ने सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अपने आचरण में उतारा।
कुलपति ने कहा कि महापुरुषों को केवल जयंती के अवसर पर याद करना पर्याप्त नहीं है। उनके विचारों और आदर्शों को अपने व्यवहार और कार्यशैली में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन से यह संदेश मिलता है कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है।
शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है, बल्कि समाज के प्रति उसकी व्यापक जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह ज्ञान, शिक्षा और संस्कार के माध्यम से समाज को कुछ वापस दे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करके निकलने वाले विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं, इसे विश्वविद्यालय की बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं है। विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय की गतिविधियों में मूल्यों को शामिल करने पर जोर
कुलपति ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन तथा लाल बहादुर शास्त्री के ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन आदर्शों के माध्यम से विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बीटेक के एक विद्यार्थी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर भाषण दिया। इसके बाद भजन प्रस्तुत किए गए। उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में कुलसचिव अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता, प्रोफेसर वीरपाल सिंह, प्रोफेसर अतवीर सिंह, प्रोफेसर मृदुल कुमार गुप्ता, प्रोफेसर रमाकांत ओझा, प्रोफेसर जमाल अहमद सिद्दीकी, प्रोफेसर जितेंद्र सिंह, डॉ. दुष्यंत चौहान, डॉ. अलका तिवारी, डॉ. वैशाली पाटील, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।