तिलक पत्रकारिता सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते मुख्य अतिथि
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में शनिवार को ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने क्विज, भाषण प्रतियोगिता और काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजय कुमार रहे।
वर्तमान क्षण में जीने की आदत विकसित करने की दी सलाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. संजय कुमार ने विद्यार्थियों से मानसिक रूप से स्वस्थ, प्रसन्न और संतुलित जीवन के लिए वर्तमान क्षण में जीने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में तनाव का एक बड़ा कारण यह है कि व्यक्ति या तो बीती हुई घटनाओं को बार-बार याद करता रहता है या फिर भविष्य को लेकर चिंताओं में उलझा रहता है।

उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति स्वयं को वर्तमान में रखने का प्रयास करे और वर्तमान क्षण को पूरी सजगता के साथ जीने की कोशिश करे तो बाहरी दबावों और तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विद्यार्थियों के जीवन में पढ़ाई, करियर, प्रतियोगिता, सोशल मीडिया और भविष्य को लेकर कई तरह के दबाव होते हैं। ऐसे में परिस्थितियों को समझते हुए मन को अनावश्यक चिंताओं से मुक्त रखने का प्रयास करना जरूरी है।
समस्याओं के बीच भी भावनात्मक संतुलन जरूरी
प्रो. संजय कुमार ने कहा कि खुश रहने का अर्थ यह नहीं है कि जीवन में कोई समस्या ही न हो। खुश रहने की कला यह है कि समस्याओं के बीच भी व्यक्ति अपने भावों और व्यवहार को संतुलित रख सके। इसके लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता यानी इमोशनल इंटेलीजेंस का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि व्यक्ति अपनी भावनाओं को पहचानना, समझना और नियंत्रित करना सीख ले तथा दूसरों की भावनाओं को भी समझने का प्रयास करे तो उसके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।
सोशल मीडिया के दौर में तुलना से बचने की सलाह
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे लगातार अपनी तुलना दूसरों से करने के बजाय अपनी क्षमताओं और उपलब्धियों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में व्यक्ति के सामने दूसरों के जीवन की ऐसी तस्वीर आती है, जिससे कई बार अनावश्यक तुलना और दबाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का उपयोग सजगता के साथ करने की अपील की। साथ ही कहा कि उन्हें वास्तविक जीवन के रिश्तों, संवाद, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय निकालना चाहिए।
पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए संवेदनशीलता महत्वपूर्ण
प्रो. संजय कुमार ने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक संतुलन और संवेदनशीलता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पत्रकार को विभिन्न परिस्थितियों, विचारों और लोगों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में तथ्यों को समझने के साथ-साथ मानवीय भावनाओं को समझने की क्षमता भी पत्रकार के व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, निरंतर सीखने और अपने अनुभवों से स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
पूर्व छात्रा कावेरी योगी का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभाग की पूर्व छात्रा कावेरी योगी का सम्मान भी किया गया। कावेरी योगी ने विद्यार्थियों के साथ अपने पत्रकारिता और रिपोर्टिंग से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने व्यावहारिक पत्रकारिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग के क्षेत्र की कार्यप्रणाली और अनुभवों से परिचित कराया।
क्विज प्रतियोगिता में अभिषेक नागर रहे प्रथम
कार्यक्रम के दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में अभिषेक नागर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गौतम कुमार द्वितीय और धनवंशी राजपूत तृतीय स्थान पर रहे।
भाषण प्रतियोगिता में जिज्ञासा पांडे ने बाजी मारी
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। सोशल मीडिया के प्रभाव पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए जिज्ञासा पांडे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दीपक वर्मा ने द्वितीय और मुशीर अहमद ने तृतीय स्थान हासिल किया।
काव्य प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की ओर से काव्य प्रस्तुतियां भी दी गईं। धनवंशी राजपूत, मोहनी, सोहा खान और कृष्णा भाटिया ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में रचनात्मक रंग भरा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने सराहा।
विभागाध्यक्ष ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि प्रो. संजय कुमार का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन लव कुमार सिंह ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. दीपिक वर्मा, निधि और निशांत का विशेष सहयोग रहा।