झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे घुमंतू परिवारों के लिए आशियाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते शिवसैनिक
जाति प्रमाण पत्र, आधार-वोटर कार्ड के लिए कैंप लगाने की मांग; शौचालय, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मेरठ । गढ़ रोड सहित शहर के विभिन्न इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे घुमंतू समुदाय के परिवारों को सरकारी दस्तावेज और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने आवाज उठाई है। संगठन की ओर से जिलाधिकारी मेरठ को ज्ञापन देकर इन परिवारों के लिए विशेष कैंप आयोजित कर आवश्यक प्रमाण पत्र एवं पहचान संबंधी दस्तावेज बनवाने तथा बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था कराने की मांग की गई है।
शिवसेना UBT झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि गढ़ रोड स्थित भाग्यश्री अस्पताल के आसपास, रंगोली मंडप के पास नाले के किनारे और तेजगढ़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में घुमंतू समुदाय के परिवार कई दशकों से झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं। संगठन का दावा है कि इन परिवारों में से अनेक आज भी कई आवश्यक सुविधाओं और दस्तावेजों से वंचित हैं।
बिजली-पानी और शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि संबंधित बस्तियों में पर्याप्त बिजली-पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित स्थानों पर शौचालय तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
शिवसेना UBT का कहना है कि किसी भी नागरिक के लिए स्वच्छता, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए प्रशासन को इन बस्तियों का सर्वे कर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए और आवश्यकतानुसार सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
दस्तावेज नहीं होने से सरकारी योजनाओं से वंचित रहने का दावा
संगठन ने ज्ञापन में कहा कि इन परिवारों में कई लोगों के पास जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और मतदाता पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं हैं। शिवसेना UBT ने दावा किया कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है।
संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की कि प्रशासन संबंधित विभागों के समन्वय से इन बस्तियों में विशेष कैंप लगाए। इसमें पात्रता और निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के अनुसार जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने में लोगों की सहायता की जाए। आधार और मतदाता पंजीकरण से संबंधित सेवाओं के लिए भी अधिकृत विभागों के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था कराने की मांग की गई।
बच्चों की शिक्षा और परिवारों के भविष्य का भी उठाया मुद्दा
ज्ञापन में संगठन ने शिक्षा और सरकारी योजनाओं तक इन परिवारों की पहुंच का मुद्दा भी उठाया। शिवसेना UBT का कहना है कि पहचान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण किसी पात्र परिवार या बच्चे को सरकारी सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रशासन को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी व्यवस्था से जोड़ने के लिए पहल करनी चाहिए।
मांगें पूरी न होने पर जन आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने प्रशासन से झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में अभियान चलाकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को साथ लेकर जन आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन पर रजत सिंह, महानगर अध्यक्ष, झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ का नाम अंकित है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण और सर्वे कर पात्र परिवारों को सरकारी दस्तावेज एवं मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।