सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में प्रस्तुति देते छात्र
मेरठ, 8 अक्टूबर 2026। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ के सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) में गुरुवार को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज (SFIC)-2026’ का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी प्रतिभा और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन करते हुए समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जुड़े अनेक नवाचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा, कृषि एवं ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, आपूर्ति शृंखला, पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट तकनीक जैसे क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
प्रतिभागी विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, तकनीकी विशेषताओं, उपयोगिता और समाज पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के बारे में निर्णायक मंडल के समक्ष विस्तार से प्रस्तुतियां दीं।
इस नवाचार प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी तकनीकों और व्यावहारिक समाधानों के विकास के लिए प्रेरित करना था, जिनका उपयोग भविष्य में आम नागरिकों की समस्याओं को दूर करने और सामाजिक विकास को गति देने में किया जा सके।
नवाचार तभी सार्थक, जब समाज की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकले : प्रो. बीरपाल सिंह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के निदेशक शोध प्रोफेसर बीरपाल सिंह उपस्थित रहे।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार का वास्तविक उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनका व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना होना चाहिए।
प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक और शोध का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा के साथ अनुसंधान, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ नए विचारों को तकनीकी रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं।
पांच प्रमुख क्षेत्रों में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नवाचार

‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज-2026’ के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए पांच प्रमुख विषय निर्धारित किए गए थे।
इनमें कृषि एवं ग्रामीण विकास, जल-पर्यावरण एवं स्थिरता, स्वास्थ्य-पोषण एवं कल्याण, शिक्षा-कौशल एवं सामाजिक विकास तथा शहरी सेवाएं-मोबिलिटी एवं सुशासन शामिल रहे।
प्रतिभागियों के लिए नवाचार की दो अलग-अलग श्रेणियां भी निर्धारित की गई थीं। पहली श्रेणी में उत्पाद और तकनीकी समाधान, जबकि दूसरी श्रेणी में बिजनेस मॉडल तथा गवर्नेंस से जुड़े समाधान शामिल किए गए।
कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया। विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने समूह बनाकर अपने विचारों और तकनीकी परियोजनाओं की प्रस्तुति दी।
‘Bolti Sadak’ ने सड़क के गड्ढों और जलभराव की समस्याओं का समाधान सुझाया
प्रतियोगिता में ‘Bolti Sadak’ टीम ने सड़क सुरक्षा और सड़क संबंधी शिकायतों के प्रबंधन से जुड़ा नवाचार प्रस्तुत किया।
टीम ने सड़कों पर गड्ढों, दरारों और जलभराव जैसी समस्याओं की पहचान तथा अलग-अलग स्थानों से प्राप्त शिकायतों को व्यवस्थित रूप से सामने लाने की अवधारणा प्रस्तुत की।
इस परियोजना में सड़क संबंधी समस्याओं की प्राथमिकता निर्धारित करने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की योजना बनाने में सहायता मिल सके।
इस टीम में आर्यन विक्रम, अक्षांश श्रीवास्तव, धीरेंद्र प्रजापति और शुभ मिश्रा शामिल रहे।
‘Ashen Hawk’ ने इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई को रोचक बनाने वाला प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया
‘Ashen Hawk’ टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी शिक्षा से संबंधित एक पोर्टेबल शैक्षिक प्लेटफॉर्म की अवधारणा प्रस्तुत की।
इसमें गेम आधारित शिक्षण, वास्तविक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण, कैमरा आधारित सर्किट सत्यापन, कोडिंग, परीक्षण, सेंसर और पावर सप्लाई जैसी सुविधाओं को एक ही उपकरण में समाहित करने का प्रस्ताव रखा गया।
इस नवाचार का उद्देश्य विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई के दौरान सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है।
टीम में वैभव सिंह, बीरसगॉड235-हैश, यक्ष शक्य और योशित कुमार शामिल रहे।
वर्षा जल संचयन और करियर मार्गदर्शन से जुड़े प्रोजेक्ट भी रहे आकर्षण
‘Ather Spark’ टीम ने वर्षा जल संचयन के आकलन से संबंधित परियोजना प्रस्तुत की। इस टीम में शौर्य यादव और उत्सव दुबे शामिल रहे।
परियोजना का विषय वर्षा जल संचयन की संभावनाओं के आकलन से जुड़ा था, जो जल संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इसी क्रम में ‘Brainbots’ टीम ने विद्यार्थियों के लिए डिजिटल करियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप प्लेटफॉर्म की अवधारणा प्रस्तुत की।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन और मेंटरशिप की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग करना है।
Code.SCRIET ने दिखाई विद्यार्थियों द्वारा विकसित डिजिटल अवसंरचना
कार्यक्रम में Code.SCRIET टीम ने विद्यार्थियों द्वारा स्वयं विकसित और संचालित पूर्ण डिजिटल अवसंरचना का प्रदर्शन किया।
आयोजकों के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था का उपयोग विश्वविद्यालय के वास्तविक आयोजनों में भी किया जा रहा है।
टीम की ओर से लक्ष्य पांडेय ने परियोजना का प्रतिनिधित्व किया और इसकी कार्यप्रणाली तथा उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त ‘Cosmeera’ टीम ने ई-कॉमर्स आधारित समाधान प्रस्तुत किया, जबकि ‘finixVI’ टीम ने अगरबत्ती सुखाने वाली मशीन का प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया।
‘InnoMinds’ टीम ने आपूर्ति शृंखला से संबंधित तकनीकी समाधान प्रस्तुत करते हुए इस क्षेत्र में नवाचार की संभावनाओं को सामने रखा।
‘SustainX’ ने एआई आधारित उपग्रह चित्र विश्लेषण प्रणाली प्रस्तुत की
प्रतियोगिता में ‘SustainX’ टीम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘GeoZenX.ai’ नामक परियोजना प्रस्तुत की।
यह परियोजना टेम्पोरल रिमोट सेंसिंग परिवर्तन विश्लेषण एवं पहचान प्रणाली पर आधारित है।
परियोजना का उद्देश्य अलग-अलग समय के उपग्रह चित्रों में होने वाले परिवर्तनों का विश्लेषण करना और गलत पहचान की संभावना को कम करना है।
इस प्रकार की तकनीक पर्यावरणीय परिवर्तनों के अध्ययन और भू-स्थानिक सूचनाओं के विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है।
इस टीम में अर्जुन शुक्ला, आकाश गुप्ता और प्रियंशु कुमार शामिल रहे।
फसलों में रोग और कीट संक्रमण की प्रारंभिक पहचान पर ‘Team Hawk’ का नवाचार
कृषि क्षेत्र से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए ‘Team Hawk’ ने फसलों में रोग और कीट संक्रमण की प्रारंभिक पहचान तथा प्रबंधन से संबंधित परियोजना प्रस्तुत की।
इस नवाचार का उद्देश्य फसलों में रोग और कीट संक्रमण से जुड़ी समस्याओं को शुरुआती चरण में पहचानने तथा उनके प्रबंधन के लिए तकनीकी समाधान विकसित करना है।
कृषि क्षेत्र में इस प्रकार की तकनीक किसानों को फसल संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करने में सहायक हो सकती है।
टीम में अनुराग गौतम, अविनाश यादव, आयुष कुमार सिंह और नवीन प्रताप सिंह शामिल रहे।
खतरनाक क्षेत्रों की पहचान के लिए ‘TechBytes’ ने प्रस्तुत किया स्मार्ट समाधान
‘TechBytes’ टीम ने ‘Intelligent Identification of Hazard-Based Red Zones’ विषय पर परियोजना प्रस्तुत की।
इस प्रोजेक्ट में संभावित खतरों के आधार पर असुरक्षित क्षेत्रों की पहचान से संबंधित तकनीकी समाधान प्रस्तुत किया गया।
टीम में रितिक कुमार अग्रहरी, नमन शुक्ला, पंकज चौधरी, शुभम यादव और अमन वर्मा शामिल रहे।
इसी क्रम में आदित्य गुप्ता ने कम दृश्यता और कोहरे की परिस्थितियों में खनन वाहनों के सुरक्षित एवं कुशल संचालन से संबंधित ‘Adaptive Fog-Risk & Fleet Coordination System’ परियोजना प्रस्तुत की।
इस समाधान का उद्देश्य कोहरे और कम दृश्यता की परिस्थितियों में जोखिम के आकलन तथा वाहनों के बीच बेहतर समन्वय की संभावनाओं पर ध्यान देना है।
‘AITELLION’ एआई बिजनेस प्लेटफॉर्म ने खींचा ध्यान, टीम को मिल चुका है 10 लाख का अनुदान
कार्यक्रम में Team StackVolt द्वारा विकसित एआई आधारित बिजनेस प्लेटफॉर्म ‘AITELLION’ भी प्रस्तुत किया गया।
यह प्लेटफॉर्म विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों को एकीकृत डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध कराने की अवधारणा पर आधारित है।
इसके अंतर्गत कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (CRM), मानव संसाधन, वित्त, इन्वेंटरी और एनालिटिक्स जैसे व्यावसायिक कार्यों को एक ही प्लेटफॉर्म पर संचालित करने की सुविधा विकसित की गई है।
परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें अलग-अलग व्यावसायिक मॉड्यूल के लिए डोमेन-विशिष्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) का उपयोग किया गया है।
इन मॉड्यूल को एक इंटेलिजेंट यूनिफिकेशन लेयर के माध्यम से जोड़ने की व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे आवश्यक व्यावसायिक जानकारी और कार्यों को नियंत्रित तरीके से साझा किया जा सके।
टीम के अनुसार, प्लेटफॉर्म का कार्यशील प्रोटोटाइप तैयार किया जा चुका है। इसमें एआई एजेंट, रिट्रीवल ऑगमेंटेड जेनरेशन (RAG) और एलएलएम ऑर्केस्ट्रेशन जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है।
टीम में प्रांजल श्रीवास्तव सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), अंशिका द्विवेदी सह-संस्थापक एवं मुख्य उत्पाद अधिकारी (CPO), सिरिन बानो मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) और हिमांशु प्रजापति मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO) के रूप में शामिल हैं।
आयोजकों के अनुसार, इस टीम को मुंबई में आयोजित INNOVAHACK स्टार्टअप प्रतियोगिता में ThinkQbate की ओर से 10 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हो चुका है।
विद्यार्थियों के विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलना उद्देश्य : प्रो. मुकेश कुमार शर्मा
कार्यक्रम के कन्वीनर प्रोफेसर मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नए विचार प्रस्तुत करने तक सीमित रखना नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक और उपयोगी तकनीकी समाधानों में परिवर्तित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है।
प्रो. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों ने सामाजिक आवश्यकताओं और तकनीकी संभावनाओं को जोड़ते हुए अनेक उपयोगी अवधारणाएं प्रस्तुत की हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच और तकनीकी प्रतिभा की सराहना की।
विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग
कार्यक्रम के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी इंजीनियर प्रवीण कुमार ने बताया कि नवाचार चुनौती में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट के तकनीकी पक्ष, उपयोगिता और संभावित सामाजिक प्रभाव के बारे में निर्णायक मंडल को जानकारी दी।
इंजीनियर प्रवीण कुमार ने आयोजन से जुड़े सभी निर्णायकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और तकनीकी टीम का आभार व्यक्त किया।
निर्णायक मंडल ने किया विद्यार्थियों के नवाचारों का मूल्यांकन
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञों का निर्णायक मंडल गठित किया गया था।
निर्णायक मंडल में डॉ. वंदना राणा, डॉ. निधि चौहान, डॉ. पारुल, डॉ. सुशील कुमार यादव, इंजीनियर प्रत्यूष उपाध्याय और डॉ. आशुतोष मिश्रा शामिल रहे।
प्रतिभागियों ने निर्णायकों के समक्ष अपने प्रोजेक्ट की अवधारणा, तकनीकी कार्यप्रणाली, उपयोगिता और संभावित प्रभाव के बारे में प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक प्रोफेसर के.के. शर्मा, सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर नीरज सिंघल, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. के.पी. सिंह और डॉ. अर्पित छाबड़ा सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में क्लब सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज-2026’ के सफल संचालन में क्लब से जुड़े सदस्यों ने सक्रिय सहयोग किया।
आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में प्रिंस गुप्ता, रविंद्र मिश्रा, लक्ष्य पांडे, गिरधारी, उत्सव दुबे, ललित भारद्वाज, अनामिका, विवेक, गौरव और स्वाति सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और सामाजिक समस्याओं के समाधान से जुड़े विचारों को साझा करने का अवसर मिला।
सामाजिक समस्याओं के समाधान में उपयोगी साबित हो सकते हैं विद्यार्थियों के नवाचार
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज-2026’ ने विद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा और नवाचार क्षमता को सामने लाने का अवसर प्रदान किया।
इस आयोजन में प्रस्तुत परियोजनाओं ने दिखाया कि नई पीढ़ी कृषि, पर्यावरण, सड़क सुरक्षा, शिक्षा, व्यापार प्रबंधन और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए नए विचार विकसित कर रही है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों के नवाचारों को व्यावहारिक रूप देने और समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए शोध, तकनीकी प्रशिक्षण और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और नवाचार के महत्व से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।