शास्त्रीनगर स्थित बालेराम सरस्वती शिशु मंदिर
मेरठ, 8 अक्टूबर 2026। खेल नगरी मेरठ एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए तैयार है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार, 9 अक्टूबर से शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में होगा। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में देशभर के 11 क्षेत्रों की टीमें हिस्सा लेंगी और खिलाड़ी अपनी गति, फुर्ती, रणनीति तथा खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
विद्या भारती के वर्ष 2026 के खेल कैलेंडर के अंतर्गत आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का समापन 11 अक्टूबर को फाइनल मुकाबलों और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा। प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्गों के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 450 से अधिक खिलाड़ी, प्रशिक्षक और टीम प्रबंधक शामिल होंगे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिसर में खेल मैदान, आवास, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मेरठ को राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना गौरव की बात : प्रभात कुमार गुप्ता
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के खेल कैलेंडर में राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मिलना पूरे मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यालय के विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के साथ संवाद करने तथा उनके खेल कौशल से सीखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व और आपसी सहयोग विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
देशभर के 11 क्षेत्रों की टीमें लेंगी भाग
आयोजकों के अनुसार, विद्या भारती के संगठनात्मक ढांचे में देश को 11 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में इन सभी क्षेत्रों से टीमें मेरठ पहुंचेंगी।
प्रतियोगिता में उत्तर क्षेत्र, बिहार क्षेत्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, पूर्व क्षेत्र, दक्षिणी क्षेत्र, दक्षिण मध्य क्षेत्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, मध्य क्षेत्र, राजस्थान क्षेत्र और उत्तर-पूर्व क्षेत्र की टीमें प्रतिभाग करेंगी।
इन क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम प्रबंधकों की कुल संख्या 450 से अधिक रहने की संभावना है।
विद्यालय प्रशासन की ओर से बाहर से आने वाली टीमों के ठहरने, भोजन और प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचने सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
तीन दिनों तक चलेंगे रोमांचक मुकाबले, 11 अक्टूबर को फाइनल
राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। आयोजकों ने प्रतियोगिता का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है।
9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार: देशभर से आने वाली टीमों का आगमन एवं पंजीकरण होगा। इसके बाद उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन के पश्चात विभिन्न आयु वर्गों के लीग मुकाबले प्रारंभ होंगे।
10 अक्टूबर 2026, शनिवार: प्रतियोगिता के दूसरे दिन क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इन मुकाबलों के आधार पर फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का निर्धारण होगा।
11 अक्टूबर 2026, रविवार: प्रतियोगिता के अंतिम दिन अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्गों के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया खेल मैदान
प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता को लेकर अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विद्यालय के खेल मैदान को राष्ट्रीय प्रतियोगिता की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
मैदान में खो-खो के मुकाबलों के लिए निर्धारित मार्किंग, मैटिंग और अन्य खेल संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इसके अतिरिक्त दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा और निर्णायक मंडल से संबंधित आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
विद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मुकाबले व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।
पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी विद्यालय की टीमें
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मेजबान विद्यालय की खो-खो टीमें पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
विद्यालय की टीमों के कोच संजय सैनी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में जुटे हुए हैं। विद्यालय के खिलाड़ी पिछले कई सप्ताह से नियमित अभ्यास कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, विद्यालय की टीमों को इस बार पदक की प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर देशभर से आने वाली टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है।
कोच संजय सैनी के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, गति, आपसी तालमेल और खेल रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मेजबान विद्यालय के खिलाड़ियों के सामने अपने घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर होगा।
गति, फुर्ती और रणनीति का खेल है खो-खो
खो-खो भारत के प्रमुख पारंपरिक खेलों में शामिल है। इस खेल में खिलाड़ियों की गति, फुर्ती, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और टीम के बीच तालमेल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
खेल के दौरान खिलाड़ियों को बेहद कम समय में अपनी रणनीति के अनुसार निर्णय लेना होता है। यही कारण है कि खो-खो को शारीरिक दक्षता के साथ मानसिक सजगता का भी खेल माना जाता है।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
मेरठ में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता भी युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगी।
विद्यार्थियों को मिलेगा देशभर के खिलाड़ियों से सीखने का अवसर
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन केवल खेल मुकाबलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का भी अवसर है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के साथ संपर्क से विद्यार्थियों को खेल की नई तकनीकों, अनुशासन और टीम भावना के बारे में जानकारी मिलेगी।
उन्होंने बताया कि विद्यालय परिवार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
विद्यालय की प्रबंध समिति, शिक्षक, कर्मचारी और खेल विभाग से जुड़े सदस्य प्रतियोगिता की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं।
खेल प्रेमियों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील
विद्यालय प्रबंधन ने मेरठ के खेल प्रेमियों, अभिभावकों और नागरिकों से राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि मेरठ लंबे समय से खेल प्रतिभाओं और खेल गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन शहर की खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का अवसर है।
प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के बीच मुकाबलों से खेल प्रेमियों को खो-खो के रोमांचक खेल का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
विद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और नई प्रतिभाओं को आगे आने की प्रेरणा मिलेगी।
9 अक्टूबर को उद्घाटन के साथ शुरू होगा राष्ट्रीय खेल महोत्सव
शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन होगा।
इसके साथ ही देशभर से आने वाली टीमें विभिन्न आयु वर्गों में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन शुरू करेंगी।
11 अक्टूबर तक चलने वाली प्रतियोगिता में लीग, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विद्यालय परिवार और प्रबंध समिति ने प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता का यह आयोजन मेरठ की खेल गतिविधियों को नई पहचान दिलाने के साथ युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।